देहरादून : रेमेडिसिविर इंजेक्शन की कालाबाजारी उत्तराखंड के लिए और उत्तराखंड मे अधिकारियों के लिए रोक्न जी का जंजाल बनती जा रही है। इसे रोकने के लिए शासन से लेकर प्रशासन तक पूरी जद्दोजहद कर रहा है। इसी क्रम मे डॉ0 आर0 राजेश कुमार, सचिव प्रभारी नोडल अधिकारी ने उत्तराखंड के तमाम डिस्ट्रीब्यूटेर्स, मेडिकल, सरकारी तथा निजी अस्पतालों को ये आदेश जारी किया है की उन्हे जितनी मात्रा मे रेमडिसीवर इंजेक्शन मिलते हैं उन्हे मिले इंजेक्शनो का ब्यौरा और इस्तेमाल हुए इंजेक्शन का ब्यौरा रोजजना अपने हस्ताक्षर के साथ covid19injectionsecretariat@gmail.com इस ईमेल आईडी पर उपलब्ध कराना होगा ताकि उत्तराखंड मे रेमेडिसिविर इंजेक्शन की कालाबाजारी पर लगाम लगाई जा सके।

प्रदेश सरकार का अभी तक दावा रहा है कि प्रदेश में रेमेडिसिविर इंजेक्शन की कोई कमी नहीं है। इतना होने के बाद भी इंजेक्शन की कमी की शिकायतें प्रशासन को मिल रही हैं। सरकार का मानना है कि इंजेक्शन की कमी नहीं है लेकिन जमाखोरी और इंजेक्शन की कालाबाजारी के कारण यह समस्या सामने आ रही है। इसी समस्या के समाधान के लिए डॉ0 आर0 राजेश कुमार, सचिव प्रभारी नोडल अधिकारी ने ये कदम उठाया है ।
