कैमूर /बिहार : कभी कभी पेड़ पौधों में अचानक अजीब दृश्य देखने को मिलता है। इस बदलाव को लोग प्राकृतिक करिश्मा मानकर आस्था के साथ जोड़ देते हैं। इस दृश्य को देखने वालों की भीड़ लगने लगती है। इसी तरह का एक नजारा शुक्रवार को मोहनियां प्रखंड के मुजान गांव में देखने को मिला। जब आशुतोष सिंह के बागीचे में लगा एक नीम के पेड़ से दूध जैसा पदार्थ निकलते दिखा। ऊपर की टहनी से निकलकर तना के सहारे यह पदार्थ जमीन पर काफी मात्रा में जमा हो रहा है। इसकी जानकारी मिलते ही काफी संख्या में ग्रामीण इस दृश्य को देखने के लिए इकट्ठा हो गए।

लोगों के लिए यह कौतूहल का विषय बना हुआ है। लोग इसे दैविक चमत्कार मान कर आस्था से जोड़ रहे हैं। पूजा पाठ करने की बात कर रहे हैं। कोई इसे कई रोगों की अचूक दवा बता रहे हैं। बर्तन में भरकर घर ले जा रहे हैं। लेकिन कृषि वैज्ञानिक इसे पौष्टिक तत्वों की कमी के कारण उत्पन्न समस्या बता रहे हैं। नीम के पेड़ को देखने के लिए काफी संख्या में ग्रामीणों की भीड़ लग रही है। जिसमें मुजान के अलावा अगल बगल के गांवों के लोग शामिल हैं। ग्रामीण आशुतोष सिंह ने बताया कि उनके बागीचे में एक नीम का पेड़ है। जिसमें से दूध जैसा तरल पदार्थ निकल रहा है। जो तना के ऊपर से बहकर नीचे जमीन पर इकठ्ठा हो गया है। इसकी जानकारी होते ही शुक्रवार को काफी संख्या में लोग इस दृश्य को देखने के लिए जुट गए। शाम तक यह क्रम जारी रहा। कई ग्रामीण इसे दैविक चमत्कार मानकर पूजा पाठ की बात कर रहे हैं। नीम का पेड़ देवी का प्रिय माना जाता है। इससे निकलते पदार्थ को लोग देवी का प्रसाद मानकर घर ले जा रहे हैं। जहां से दूध जैसा तरल पदार्थ निकल रहा है वहां भाप जैसा निकल रहा है ऐसा लग रहा है जैसे किसी चीज को चूल्हे पर गर्म किया जा रहा हो।
जाइलम के फटने से निकल रहा दूध जैसा तरल पदार्थ
इस संबंध में कृषि वैज्ञानिक अमित कुमार सिंह ने बताया कि जड़ से पूरे वृक्ष को पौष्टिक तत्व मिलता है। जाइलम द्वारा पौष्टिक तत्व को तना तक पहुंचाया जाता है। वहां से फ्लोएम द्वारा पेड़ की टहनियों व पत्तियों तक इसे पहुंचाने का कार्य किया जाता है। कोशिकाओं द्वारा यह कार्य संपन्न की जाती है। जाइलम के फटने के कारण नीम के पेड़ से दूध जैसा तरल पदार्थ निकल रहा है। स्टेप्लोसाइक्लीन व आक्सिक्लोराइड का घोल बनाकर छिड़काव करने से इस समस्या का समाधान हो जाएगा। जहां से या पदार्थ निकल रहा है वहां कॉपर आक्सिक्लोराइड का लेप करने से लाभ होगा।