हरिद्वार: कोरोना वायरस के बढ़ते मामलों को देखते हुए हरिद्वार जनपद में भी तीन मई तक पूर्णत: कोरोना कर्फ्यू लागू कर दिया गया है। जिलाधिकारी सी रविशंकर ने मंगलवार देर शाम इस बारे में निर्देश जारी किए। इस दौरान सिर्फ आवश्यक सेवाओं को ही छूट रहेगी। हरिद्वार जनपद में कोरोना संक्रमण के हर रोज औसतन 700 से अधिक मामले सामने आ रहे हैं। सोमवार को सर्वाधिक 1501 मामले सामने आए थे। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक जिले में कोरोना की दूसरी लहर में 200 से अधिक व्यक्तियों की मौत हो चुकी है।

मंगलवार को कुंभ का अंतिम शाही स्नान संपन्न होने के चंद घंटे बाद जिलाधिकारी सी रविशंकर ने जनपद में कोरोना संक्रमण की गंभीर स्थिति को देखते हुए तीन मई तक पूर्णत: कोरोना कफ्र्यू के निर्देश जारी कर दिए। जिलाधिकारी सी रविशंकर ने जनपदवासियों से कोरोना कफ्र्यू का पालन करने की अपील की है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सेंथिल अवूदई कृष्णराज एस ने जनपदवासियों से गाइडलाइन का पालन करने की अपील करते हुए जनपद के सभी थाना कोतवाली प्रभारियों को तीन मई तक पूर्णत: कोरोना कफ्र्यू का पालन कराने के निर्देश दिए हैं।

अखाड़ों ने किया समापन, लेकिन सरकार रही चुप
हरिद्वार मे अब कोरोना कर्फ्यू तो लगाया गया है, लेकिन आते-आते काफी देर कर दी। देर इसलिए क्योंकि अब उत्तराखंड में रोजाना रिकॉर्ड कोरोना मामले सामने आ रहे हैं। वक्त रहते कोरोना को रोकने के लिए कोई भी कड़ा कदम नहीं उठाया गया। हालांकि इसके पीछे चुनाव से करीब 10 महीने पहले मुख्यमंत्री बनाए गए तीरथ सिंह रावत की राजनीतिक मजबूरियां रहीं। उन्होंने कुर्सी संभालते ही कोरोना को नजरअंदाज कर कई घातक फैसले लिए, हालांकि कोरोना की रफ्तार को देखकर सीएम तो नहीं लेकिन पीएम जरूर घबरा गए और उन्होंने कुंभ को प्रतीकात्मक रखने की अपील कर की थी। हालांकि पीएम की अपील के बाद तमाम अखाड़ों ने खुद ही कुंभ समापन का ऐलान कर दिया था, लेकिन मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने कुंभ समाप्ति का आधिकारिक ऐलान नहीं किया था।
जब हरिद्वार में कुंभ शुरू हुआ था तो उत्तराखंड में 1 अप्रैल को 500 नए कोरोना मामले सामने आए थे। वहीं 2 लोगों की 24 घंटे में मौत हुई थी। लेकिन बीते दिन आखिरी शाही स्नान के दिन उत्तराखंड में कुल 5703 नए कोरोना मामले सामने आए हैं। वहीं 96 लोगों की एक ही दिन में कोरोना से मौत हुई है।