हरिद्वार: कोरोनाकाल में अपने मरीज की सांसें बचाने के लिए लोग जद्दोजहद कर रहे हैं। ऑक्सीजन सिलेंडर के लिए लोग न सिर्फ कई गुना कीमत चुकाने को मजबूर हैं, बल्कि सैकड़ों किमी की दौड़ भी लगा रहे हैं। मंगलवार को दून निवासी एक युवक ने हरिद्वार जाकर 16 हजार रुपये में ऑक्सीजन सिलेंडर खरीदा। उन्होंने आने-जाने में करीब 104 किमी सफर तय किया। पुलिस चेकिंग के दौरान युवक ने जब अपनी व्यथा बताई तो हर कोई सुनकर हैरान रह गया। सरकार भले ही राजधानी में ऑक्सीजन की पर्याप्त सप्लाई के दावे कर रही हो, लेकिन लोग अभी भी ऑक्सीजन सिलेंडर के लिए दर-दर भटक रहे हैं। लोग अपनों के खोने के डर से ऑक्सीजन सिलेंडर की व्यवस्था करने के लिए हर संभव प्रयास कर रहे हैं। मंगलवार को घंटाघर चौक पर पुलिस वाहनों को रोककर चेकिंग कर रही थी। इस दौरान एक कार में सवार युवक घंटाघर चौक से चकराता रोड की ओर जा रहा था। पुलिस ने उसे रुकवा लिया और बाहर घूमने का कारण पूछा। युवक ने बताया कि वह ऑक्सीजन सिलेंडर लेकर आ रहा है। विश्वास नहीं होने पर पुलिस ने कार की डिग्गी खुलवाई, जिसमें ऑक्सीजन सिलेंडर रखा हुआ था।

दीपक ने बताया कि उनके ससुर को कोरोना है और वह अस्पताल में भर्ती हैं। घर में बुजुर्ग नानी हैं, जिनकी तबीयत खराब है। इमरजेंसी स्थिति में उन्हें ऑक्सीजन सिलेंडर की जरूरत थी। उन्होंने दून में ऑक्सीजन सिलेंडर का पता किया। दून में ऑक्सीजन सिलेंडर नहीं मिलने पर हरिद्वार में परिचित से संपर्क किया। बताया कि हरिद्वार में 16 हजार रुपये में ऑक्सीजन सिलेंडर का इंतजाम हुआ। इस पर वह मंगलवार सुबह कार से 52 किमी सफर कर हरिद्वार पहुंचे और ऑक्सीजन सिलेंडर लेकर दून पहुंचे।
कालाबाजारी रोकने के लिए प्रशासन ने उठाया कदम
हरिद्वार जिला प्रशासन ने ऑक्सीजन गैस की व्यावसायिक आपूर्ति पर पूरी तरह से रोक लगा दी है। अब केवल अस्पतालों और होम आइसोलेशन में रहने वाले कोरोना मरीजों को ही गैैस आपूर्ति की जाएगी। यही नहीं, गैस प्लांट प्रबंधन और एजेंसी को उत्पादन, स्टॉक व आपूर्ति का पूरा रिकॉर्ड रखना होगा। आपूर्ति के नोडल अधिकारी प्लांट और एजेंसी की दैनिक आपूर्ति की रिपोर्ट डीएम को भेजेंगे। कालाबाजारी को रोकने के लिए जिला प्रशासन ने यह कदम उठाया है। डीएम ने जिले में ऑक्सीजन की व्यावसायिक आपूर्ति पर पूरी तरह से रोक लगा दी है। हरिद्वार के अस्पतालों में फिलहाल रोजाना 500 बी (10 लीटर) और डी टाइप (46.7 लीटर) ऑक्सीजन सिलिंडर की खपत हो रही है। वहीं, घरों में आइसोलेट मरीजों के परिजन भी बी टाइप ऑक्सीजन सिलिंडर लेने एजेंसी और प्लांट तक पहुंच रहे हैं।
डीएम सी रविशंकर ने बताया कि हरिद्वार में मंगलौर, इमलीखेड़ा और भेल में तीन ऑक्सीजन प्लांट है। तीनों प्लांट की दैनिक उत्पादन और आपूर्ति क्षमता 2500 ऑक्सीजन सिलिंडर की है। संकट उत्पन्न न हो, इसलिए गैस की व्यावसायिक आपूर्ति पर रोक लगाई गई है।