देहरादून: राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (एनटीसीए) ने देश में बढ़ते कोरोना महामारी के चलते सभी टाइगर रिजर्व, जू और पार्क सोमवार से पर्यटकों के लिए बंद करने के आदेए दिए हैं। शुक्रवार को एनटीसीए की ओर से इसके आदेश मिलने पर चीफ वाइल्ड लाइफ वार्डन जेएस सुहाग ने सभी पार्क व जू निदेशकों को बंदी के निर्देश कर दिए हैं। एनटीसीए ने अपने आदेश में कहा है टाइगर रिजर्व में आने वाले पर्यटको से वहां के स्टाफ और जानवरों में कोरोना वायरस फैलने का खतरा हो सकता है।

ऐसे में एहतियात के तौर पर अगले आदेशों तक के लिए सभी टाइगर रिजर्व पूरी तरह से पर्यटकों के लिए बंद रहेंगे। उत्तराखंड में इस आदेश के क्रम में प्रसिद्ध जिम कार्बेट पार्क, राजाजी समेत अन्य पार्को के साथी ही फिलहाल नैनीताल व दून जू में सोमवार से पर्यटकों के प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी। एनटीसीए ने इस दौरान विशेष सतर्कता बरतने के भी निर्देश दिए हैं। चीफ वाइल्ड लाइफ वार्डन जेएस सुहाग ने बताया कि इस आदेश का कड़ाई से पालन किया जाएगा।

राज्य के मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक जेएस सुहाग के अनुसार केंद्र के निर्देशों के क्रम में राज्य के सभी छह राष्ट्रीय पार्क, सात अभयारण्य, चार कंजर्वेशन रिजर्व और दोनों चिड़ियाघर तीन मई से पर्यटकों के लिए बंद कर दिए जाएंगे। उन्होंने बताया कि सभी संरक्षित क्षेत्रों और चिड़ियाघरों के कार्मिकों को निर्देश दिए गए हैं कि वे वन्यजीवों के नजदीक न जाएं और दो मीटर की दूरी के मानक का पालन करें। चिड़ियाघरों में वन्यजीवों की देखभाल करने वाले कर्मचारियों को विशेष सतर्कता बरतने को कहा गया है। उन्हें निर्देश दिए गए हैं कि वे वन्यजीवों को भोजन आदि मुहैया कराने के दौरान पीपीई किट, डबल मास्क, फेस शील्ड व ग्लब्स का उपयोग करें।
आपको बता दें पिछले साल कोरोना संक्रमण से अमेरिका में टाइगर की मौत की खबरों के बाद उत्तराखंड समेत देशभर में भी पार्क समेत सभी संरक्षित क्षेत्र, चिड़ियाघर एहतियातन बंद कर दिए गए थे। बाद में परिस्थितियां सामान्य होने के बाद पार्क व चिड़ियाघरों को सैलानियों के लिए खोला गया था। हालांकि, पिछले कुछ समय से कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर की बढ़ती रफ्तार को देखते हुए राज्य में सतर्कता बरती जा रही है।