हरिद्वार: आपातकाल में मनमाना किराया वसूलने वाले एंबुलेंस संचालकों की प्रशासन ने नकेल कस ली है। जिलाधिकारी सी रविशंकर ने अलग-अलग सुविधाओं से लैस हर एंबुलेंस का प्रतिघंटा के हिसाब से किराया तय कर दिया है। अधिक किराया वसूलने पर प्रभावी कार्रवाई होगी। 15 किमी तक ऑक्सीजन युक्त एंबुलेंस का किराया न्यूनतम आठ सौ रुपये होगा। वहीं 15 किमी से अधिक दूरी तय करने पर 18 रुपये प्रति किमी के हिसाब से किराया देना होगा। जबकि 200 रुपये प्रति घंटे के हिसाब से प्रतीक्षा भाड़ा तय किया है।

बीते शनिवार को एंबुलेंस सेवा को लेकर हो रही मनमानी का प्रकरण तब सामने आया था। जब सिडकुल क्षेत्र में रहने वाले भेल से रिटायर्ड अधिकारी की कोरोना से मौत हो गई थी। विदेश में रह रहे बेटे को स्वदेश लौटने में कई घंटे लग गए थे, तब पिता का शव एंबुलेंस के फ्रीजर में रखा गया था। यहां लौटने पर बेटे ने चंडीघाट आधा पुल के नीचे पिता का दाह संस्कार किया था, तब एंबुलेंस चालक ने अस्सी हजार रुपये किराये की मांग बेटे से की थी। पीड़ित बेटे ने इस बात की जानकारी अपने परिचित को दी थी, तब पूरे मामले की जानकारी एसडीएम गोपाल सिंह चौहान को दी गई थी। एसडीएम ने कार्रवाई करते हुए एंबुलेंस को सीज करने के निर्देश एआरटीओ और स्थानीय पुलिस को दिए थे। एसडीएम ने एंबुलेंस चालक को फटकार भी लगाई थी। चालक की मनमानी की शिकायत अक्सर सामने आ रही थी। देर शाम ही इस प्रकरण को लेकर जिलाधिकारी सी रविशंकर ने एक्शन लिया।

आइसीयू एंबुलेंस का न्यूनतम किराया होगा 3000वातानुकूलित एंबुलेंस का 15 किमी का न्यूनतम किराया 1200 रुपये प्रति घंटा होगा। फिर 250 रुपये प्रति घंटे के हिसाब से प्रतीक्षा भाड़ा देना होगा। 15 किमी से अधिक एंबुलेंस के चलने पर 20 रुपये प्रति किमी के हिसाब से अलग से देने होंगे। आइसीयू एंबुलेंस का 15 किमी का न्यूनतम किराया 3000 रुपये। यदि नर्सिंग स्टाफ साथ है तब चार हजार और चिकित्सक होने पर छह हजार रुपये प्रतिघंटा देने होंगे। 15 किमी से अधिक एंबुलेंस चलती है तो 50 रुपये प्रति किमी के हिसाब से किराया देना होगा। किराये का यह रेट एकतरफा है। आने-जाने का किराया डबल होगा। जिलाधिकारी सी रविशंकर ने बताया कि यदि कोई एंबुलेंस चालक या स्वामी मनमाना किराया वसूलता है तब उसके खिलाफ कार्रवाई होना तय है। पीड़ित को इस संबंध में शिकायत करनी होगी।
कोरोना संक्रमण से लगातार हो रही मौत के बीच चिता में अधजले शवों को कुत्ते नोच रहे हैं। दिल दहला देने वाली यह खबर उस धर्मनगरी से है, जहां मोक्ष प्राप्ति की कामना लेकर लोग अपने दिवंगत स्वजन का अंतिम संस्कार करने आते हैं। इंटरनेट मीडिया पर फोटो और वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस मामले की जांच में जुट गई है। हालांकि शमशान का संचालन करने वाली समिति ने इससे इन्कार किया है।