देहरादून : उत्तराखंड डीजीपी अशोक कुमार ने लावारिस शवों के दाह संस्कार के लिए एसडीआरएफ को तैनात करने के निर्देश दिए हैं। डीजीपी के मुताबिक एसडीआएफ के पास पूरे संसाधन हैं और उन्हें प्रशिक्षण भी प्राप्त है। ऐसे में इस काम को एसडीआरएफ बखूबी कर सकती है। डीजीपी ने दाह संस्कार के वक्त पीपीई किट और बेहतर गुणवत्ता का मास्क पहनने के निर्देश दिए हैं। वीडियो कांफ्रेंसिंग के दौरान उन्होंने ऑक्सीजन, दवाओं और बेड की कालाबाजारी करने वालों पर प्रभावी अंकुश लगाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि लोग एंबुलेंस का किराया भी बहुत ज्यादा ले रहे हैं।

फ्रंटलाइन पर काम करने वाले पुलिसकर्मी उत्तम गुणवत्ता वाले मास्क और फेसशील्ड का उपयोग करेंगे। किसी पुलिसकर्मी को खुद को या उसके परिवार को ऑक्सीजन की आवश्यकता हो तो उसे तत्काल लाइन या बटालियन से ऑक्सीजन उपलब्ध कराई जाए।
ऊधमसिंह नगर जिले के सभी कोविड अस्पतालों की निगरानी के लिए अब एसडीआरएफ तैनात कर दी गई है। फ्रंट लाइन ड्यूटी करने वाले ये कर्मचारी पीड़ितों और उनके तीमारदारों की हरसंभव मदद करेंगे। इसके लिए एसडीआरएफ के कॉल सेंटर नंबर 9456596190 पर फोन कर मदद ली जा सकती है।
वहीं, एसडीआरएफ के कुमाऊं मंडल प्रभारी, निरीक्षक गजेंद्र सिंह परवाल ने बताया कि कॉल सेंटर के माध्यम से ही जनपदवार कोविड मरीजों की स्थिति और कोरोना संक्रमण से बचाव का प्रशिक्षण भी एसडीआरएफ की ओर से किया जा रहा है।
कोरोना काल में लोगों की मदद के लिए एसडीआरएफ कुमाऊं और गढ़वाल मंडल में काम कर रही है। होम आइसोलेशन में रह रहे कोविड मरीजों को दवा पहुंचाने के साथ लावारिस शवों का अंतिम संस्कार भी किया जा रहा है। कोविड अस्पतालों में भी जवानों की डयूटी लगाई गई है।
– अजय भट्ट, उपसेनानायक, एसडीआरएफ, देहरादून