रांची: झारखंड में कोरोना की दूसरी लहर का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है। कोरोना के संक्रमण से हर रोज कई लोगों की जान जा रही है। मिली जानकारी के मुताबिक, पिछले 48 घंटे के अंदर रांची में 07 वकीलों की कोरोना से मौत हुई है। जबकि कई वकील कोविड संक्रमित हैं। वकीलों की बड़ी संख्या में हो रही मौत पर झारखंड हाईकोर्ट एडवोकेट एसोसिएशन ने दुख जताया है। इसके साथ ही एसोसिएशन ने सरकार से मृत वकीलों के परिजनों को दस -दस लाख रुपये का मुआवजा देने की मांग की है। एडवोकेट एसोसिएशन की अध्यक्ष ऋतु कुमार और महासचिव नवीन कुमार ने वकीलों के लिए सरकार से आर्थिक पैकेज देने की भी मांग की है।

कोरोना से मरने वाले वकीलों में राजीव आनंद, प्रवीण कुमार राणा , प्रवीण कुमार ,विद्या भूषण सिंह, अल्बिनस मिंज, कृपाल सिंह ,सुनिता कुमारी सिंह शामिल हैं। कोरोना की दूसरी लहर में अब तक रांची के 20 से अधिक वकीलों की मौत हो चुकी है। वकीलों ने कोरोना संक्रमण की तेज रफ्तार को देखते हुए 25 मई तक पूर्ण रूप से न्यायालय की कार्यवाही स्थगित करने की मांग की है, ताकि कोरोना महामारी के बढ़ते संक्रमण की कड़ी तोड़ा जा सके।
रांची जिला बार एसोसिएशन 25 मई तक अपने आपको सभी प्रकार के न्यायिक कार्यों से अलग रखने का मुहिम चला रहा है। बहुमत के आधार पर आगे का फैसला लिया जाएगा। रांची जिला बार एसोसिएशन के प्रशासनिक संयुक्त सचिव पवन रंजन खत्री ने स्टेट बार कौंसिल के सदस्य नीलेश कुमार, कुंदन प्रकाशन, संजय कुमार विद्रोही एवं रिंकू भगत का ध्यान अधिवक्ता और उनके परिवारों की सुरक्षा की ओर आकृष्ट कराया है। इसके साथ ही वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए न्यायालय के कार्य पूर्ण रूप से (वर्चुअल एवं फिजिकल सुनवाई) बंद करवाने की अपील की है।