देहरादून: कोरोना के कहर के बीच उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग और उत्तरकाशी जिलों में सोमवार को दो अलग-अलग घटनाओं में भारी बारिश के दौरान बादल फटने से कुछ गांवों में मकानों और सडकों को नुकसान पहुंचा है। कहीं से कोई जनहानि की सूचना नहीं है। मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने बादल फटने की खबर का तत्काल संज्ञान लेते हुए संबंधित जिलाधिकारियों से फ़ोन पर जानकारी ली और उन्हें स्थिति पर लगातार नज़र रखने को कहा है।
रुद्रप्रयाग व उत्तरकाशी जिलों में बादल फट जाने की खबर का तत्काल संज्ञान लेते हुए संबंधित जिलाधिकारियों से फ़ोन पर जानकारी ली। उन्हें प्रभावितों को तुरंत राहत और अनुमन्य सहायता राशि अविलंब देने के निर्देश दिए। pic.twitter.com/nceQiixB8k
— Tirath Singh Rawat (@TIRATHSRAWAT) May 3, 2021
मुख्यमंत्री ने प्रभावितों को तुरंत राहत और अनुमन्य सहायता राशि देने के निर्देश भी दिए है। मुख्यमंत्री ने लोक निर्माण विभाग, राष्ट्रीय राजमार्ग और सीमा सड़क संगठन को बंद मार्गों को तत्काल खुलवाने के आदेश दिए ताकि जनता को परेशानी न हो।

उत्तरकाशी के भेंटी गांव के लोद तोक में आकाशीय बिजली गिरने से अब्बल सिंह फर्स्वाण की दो भैंस, दो बैल और एक गाय मलबे में दब गई। गोशाला भी पूरी तरह नष्ट हो गई है। पूर्ण सिंह की गोशाला को भी काफी नुकसान हुआ है। सूचना पर राजस्व उपनिरीक्षक मोहन सिंह बिष्ट और पशुपालन के कर्मचारियों ने स्थलीय निरीक्षण किया और नुकसान का जायजा लिया। मोरी ब्लॉक के फिताड़ी गाव के जंगल में आकाशीय बिजली गिरने से 40 भेड़-बकरियों की मौत हो गई। वहीं चिन्यालीसौड़ के कुमराणा और बल्डोगी गाव में भी अतिवृष्टि से ग्रामीणों के घरों की दीवार, आगन और गोशाला बह गए।
दोनों जिलाधिकारी को स्थिति पर लगातार नज़र रखने को कहा। लोक निर्माण विभाग, एनएच व बीआरओ को आदेश दिए जो मार्ग बंद हो गए हों उन्हें तत्काल खुलवाया जाये ताकि जनता को परेशानी न हो।
— Tirath Singh Rawat (@TIRATHSRAWAT) May 3, 2021
रुद्रप्रयाग में अगस्त्यमुनि ब्लॉक के खांकरा, फतेहपुर और जखोली ब्लॉक के कोटली में अतिवृष्टि से कई गांवों में व्यापक नुकसान हुआ। कई आवासीय घरों व गौशालाओं में मलबा घुस गया है। साथ ही कई मकानों को क्षति भी पहुंची हैं। सड़कें व पैदल मार्ग भी जगह-जगह बाधित हो गए हैं।