देहरादून: उत्तराखंड के सभी 13 जिलों में प्लाज्मा बैंक बनाए जाएंगे। इस ग्रुप में पुलिसकर्मियों और उनके परिजनों को जोड़ा जाएगा, जो कोविड से ठीक हो चुके हैं। जरूरत पड़ने पर अन्य पुलिसकर्मियों और उनके परिजनों समेत अन्य जरूरतमंदों को भी प्लाज्मा उपलब्ध कराया जाएगा। वैश्विक महामारी कोरोना से निपटने के लिए जहां प्रदेश के पुलिस अधिकारी और कर्मचारी हरसंभव लोगों को मदद उपलब्ध करा रहे हैं तो अब पुलिस अधिकारियों की पत्नियां भी आगे आई हैं। हर तरफ ऑक्सीजन, दवा, रेडमेसिविर इंजेक्शनों की कालाबाजारी हो रही है। प्लाज्मा कहीं ढूंढे नहीं मिल रहा है। लिहाजा अब प्रदेश के सभी 13 जिलों में प्लाज्मा बैंक बनाने की तैयारी शुरू हो गई है। इसके लिए व्हाट्सएप ग्रुप बनाए जाएंगे।

ग्रुप में उन पुलिस अधिकारियों, कर्मचारियों और उनके परिजनों को जोड़ा जाएगा, जो कोविड संक्रमित होने के बाद ठीक हो चुके हैं ताकि उनका प्लाज्मा कोविड संक्रमितों को दिया जा सके। ग्रुप के माध्यम से ही संक्रमित लोगों को चिकित्सा सहायता भी उपलब्ध कराई जाएगी।
ऐसे बनेगा प्लाज्मा बैंक और ग्रुप
कोरोना से ठीक हो चुके और टीकाकरण करा चुके पुलिसकर्मियों और उनके परिवार के सदस्यों का एंटीजन टेस्ट कराया जाएगा। इसके बाद पुलिसकर्मियों का प्लाज्मा डोनन ग्रुप हर जिले के हिसाब से बनाया जाएगा। यह जिलों में तैनात किए गए नोडल अधिकारी तैयार करेंगे। इसके बाद प्लाज्मा बैंक बनाया जाएगा ताकि जरूरत पड़ने पर बैंक से तुरंत प्लाज्मा लिया जा सके।
महिला ग्रुप तैयार करेंगे मास्क और फेस शील्ड
कोरोना महामारी से निपटने के लिए वेलफेयर एसोसिएशन की जनपद प्रभारी अपने-अपने महिला सहायता ग्रुप से फेस मास्क और शील्ड तैयार करवाएगी। इसके साथ ही इस तैयारी का वीडियो भी बनाया जाएगा ताकि दूसरे जिलों में उस वीडियो को शेयर किया जा सके।
सेवानिवृत्त पुलिसकर्मियों का भी बनेगा ग्रुप
सेेवानिवृत्त पुलिसकर्मियों का ध्यान रखने के लिए भी ग्रुप बनाया जाएगा। उन्हें खाने और दवाओं संबंधी जो भी जरूरत होंगी, वह ग्रुप में उसकी मांग कर सकते हैं। सभी तरह की सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।