लखनऊ: कोरोना के कठिन काल के दौरान होने वाली मौतों और सरकारी व्यवस्था से इलाहाबाद हाईकोर्ट खासा नाराज है। अदालत ने जज वीके श्रीवास्तव के इलाज से जुड़ी जानकारी मांगी है। जस्टिस श्रीवास्तव की इलाज के दौरान पिछले सप्ताह मौत हो गई थी। ऑक्सीजन के अभाव में मरीज की मौत को अदालत ने आपराधिक कृत्य माना है। इसके साथ ही अदालत ने राज्य में कोरोना के कारण होने वाली मौतों और पंचायत चुनाव मतगणना के दौरान हुए कोविड नियमों के उल्लंघन पर भी सरकार व संबंधित विभागों तथा चुनाव आयोग से जानकारी तलब की है। कोविड व्यवस्थाओं और उसके प्रबंधन से जुड़ी जानकारी भी अदालत ने मांगी है।

हाईकोर्ट ने कहा है कि अस्पताल को ऑक्सीजन न मिलने पर किसी मरीज की मौत एक आपराधिक कृत्य है और उन लोगों द्वारा किसी नरसंहार से कम नहीं है जिन्हें चिकित्सा ऑक्सीजन की निरंतर खरीद और आपूर्ति की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। अदालत ने कहा कि हम इन समाचारों को विरोधाभासी पाते हैं कि सरकार ने दावा किया था कि ऑक्सीजन की पर्याप्त आपूर्ति थी।
प्रोटोकॉल उल्लंघन पर जानकारी तलब
इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने राज्य निर्वाचन आयोग से मतगणना के दौरान कोविड निर्देशों के उल्लंघन पर भी जानकारी मांगी है। न्यायालय ने राज्य निर्वाचन आयोग को निर्देश दिया है कि वह निर्धारित मतगणना क्षेत्रों और केंद्रों के सीसीटीवी फुटेज को फुटेज प्रिंट के रूप में तथा पेन ड्राइव के रूप में अगली तारीख तक अदालत में पेश करे।
अदालत ने कहा कि अगर आयोग को सीसीटीवी फुटेज देखकर यह पता लगता है कि कोविड प्रोटोकॉल और दिशानिर्देशों का स्पष्ट उल्लंघन किया गया है, तो यह उस संबंध में एक कार्य योजना भी अलगी तारीख तक पेश की जाए।