रांची: कोरोना वायरस संक्रमण के मद्देनजर देश के कई राज्यों में लॉकडाउन लागू है। ऐसे में वहां से झारखंड के प्रवासी मजदूर वापस अपने घर लौटने लगे हैं। इन प्रवासी मजदूरों के वापस झारखंड आने से कोरोना वायरस संक्रमण का फैलाव ना हो, इस उद्देश्य से हेमंत सरकार ने इन प्रवासी मजदूरों को हर हाल में कोरोना जांच कराने पर जोर दिया है, ताकि राज्य के ग्रामीण इलाकों में कोरोना वायरस संक्रमण का विस्तार ना हो सके। इस संबंध में मुख्य सचिव सुखदेव सिंह की ओर से आदेश जारी हुआ है। इस संबंध में सीएम हेमंत सोरेन ने ट्वीट कर कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में कोरोना वायरस संक्रमण का विस्तार ना हो, इसके लिए राज्य सरकार ने बाहर से झारखंड आ रहे मजदूरों के लिए कदम बढ़ाया है। उन्होंने कहा कि राज्यवासियों की सुरक्षा के प्रति राज्य सरकार संवेदनशील है। इस संकट की घड़ी में प्रवासी मजदूरों से साथ देने की अपील की है।
ग्रामीण क्षेत्रों में संक्रमण का विस्तार न हो, इसलिए सरकार ने बढ़ाये कदम। राज्यवासियों की सुरक्षा के प्रति संवेदनशील सरकार। प्रवासी श्रमिक बंधु साथ दें.. जांच कराएं #corona को हराएं.. हारेगा #corona जीतेगा #Jharkhand pic.twitter.com/YHaaqAQISf
— Office of Chief Minister, Jharkhand (@JharkhandCMO) May 5, 2021
इधर, जारी आदेश में बताया गया कि बाहर से झारखंड आ रहे प्रवासी मजदूरों को कोरोना टेस्ट कराना अनिवार्य है। इस दौरान जिन मजदूरों का कोरोना टेस्ट निगेटिव आयेगा, उन्हें 7 दिन के लिए होम कोरेंटिन में रहना होगा। इस दौरान जिला प्रशासन की ओर से हर सुविधाएं उपलब्ध करायी जायेगी। वहीं, मजदूरों को उनके घर से भेजने से पहले रैपिड एंटीजन टेस्ट भी कराना होगा।
इसके अलावा जिन प्रवासी मजदूरों का कोरोना टेस्ट पॉजिटिव आयेगा, उन्हें दो टेस्ट कराने होंगे और निगेटिव आने के बाद होम आइसोलेशन के बाद ही उन्हें वापस घर भेजा जायेगा। इस दौराना कोरोना गाइडलाइन का पूरी तरह से पालन करना होगा। इस संबंध में राज्य सरकार ने सभी जिले के DC को इसको हर हाल में पालन करने संबंधी निर्देश दिये हैं।

इधर, जारी आदेश में बताया गया कि बाहर से झारखंड आ रहे प्रवासी मजदूरों को कोरोना टेस्ट कराना अनिवार्य है। इस दौरान जिन मजदूरों का कोरोना टेस्ट निगेटिव आयेगा, उन्हें 7 दिन के लिए होम कोरेंटिन में रहना होगा। इस दौरान जिला प्रशासन की ओर से हर सुविधाएं उपलब्ध करायी जायेगी। वहीं, मजदूरों को उनके घर से भेजने से पहले रैपिड एंटीजन टेस्ट भी कराना होगा।
इसके अलावा जिन प्रवासी मजदूरों का कोरोना टेस्ट पॉजिटिव आयेगा, उन्हें दो टेस्ट कराने होंगे और निगेटिव आने के बाद होम आइसोलेशन के बाद ही उन्हें वापस घर भेजा जायेगा। इस दौराना कोरोना गाइडलाइन का पूरी तरह से पालन करना होगा। इस संबंध में राज्य सरकार ने सभी जिले के DC को इसको हर हाल में पालन करने संबंधी निर्देश दिये हैं।