देहरादून : एक तरफ सरकार कोरोना की रोकथाम के लिए परेशान है दूसरी तरफ कांग्रेस ने शनिवार को कोरोना की रोकथाम में सरकार को नाकाम करार देते हुए हमला बोला। पूर्व सीएम हरीश रावत ने सरकार को कुछ मजबूत कदम उठाने की सलाह दी। तो साथ ही आम लोगों को सेल्फ कर्फ्यू लागू करने की अपील भी। प्रदेश उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना ने सरकार से इस्तीफा मांगा है।
पूर्व सीएम हरीश रावत ने कहा कि सरकार की कमियों को उठाने पर विपक्ष को नकारात्मक ठहराना भाजपा संगठन और सरकार की संर्कीण सोच है। सरकार द्वारा लागू कर्फ्यू आधे दिल से उठाया गया कदम है। रावत ने प्रदेशवासियों से अपील की कि वो खुद पर स्वयं कर्फ्यू लागू कर लें। समारोहों को कुछ समय के लिए टाल दें। सरकार को सुझाव दिया कि यदि संक्रमण के खिलाफ इस युद्ध को जीतना है तो समाज के कुछ ऐसे लोगों को छांटिये जिनकी आमदनी इस दौर में करीब-करीब नष्ट हो गई है। सरकार ऐसे लोगों को जीवन यापन के लिए आर्थिक सहायता दे।

वहीं कांग्रेस प्रदेश उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना ने कहा कि काबीना मंत्री डॉ हरक सिंह रावत ने स्वीकार किया कि सरकार ने कोरोना से लड़ने के लिए पर्याप्त तैयारी नहीं की। पहली लहर के बाद जो वक्त मिला था, उसका सदुपयोग नहीं किया है। उन्होंने अलग स्वास्थ्य मंत्री की भी पैरवी की। हरक के बयानों से साबित हो जाता है कि सरकार कोरोना के प्रति कितनी उदासीन रही है। अब उसने जनता को भगवान के भरोसे छोड़ दिया है। हरक प्रदेश सरकार के वरिष्ठ अंग हैं। उनकी टिप्पणी के बाद सीएम को तत्काल स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। वर्ना पूरी सरकार को त्यागपत्र देकर सत्ता से हट जाना चाहिए।