देहरादून: उत्तराखंड में कोविड के कहर को देखते हुए इस साल भी सुप्रीम कोर्ट ने कैदियों को पैरोल पर रिहा करने के निर्देश दिए हैं। इस कड़ी में प्रदेश की जेलों से इस साल भी कैदियों को पैरोल पर रिहा किया जाएगा। इसके लिए लिस्ट तैयार की जा रही है। जल्द ही हाईपावर कमेटी इस पर निर्णय लेगी। अगले सप्ताह तक कैदियों को रिहा करने पर फैसला हो जाएगा। इस लिस्ट में प्राथमिकता पिछले साल वाले कैदियों को ही दी जानी है। बता दें, उत्तराखंड में 11 जेल हैं। इनमें से अधिकतर जेलों में क्षमता से कहीं अधिक बंदियों को रखा गया है। इनमें भी देहरादून, हरिद्वार, ऊधमसिंहनगर, रुड़की जैसी जेलों में यह संख्या दोगुने तक है।

पिछले साल लॉकडाउन के दौरान प्रदेश में 840 बंदियों को पैरोल पर छोड़ने की बात हुई थी। हालांकि, कई कारणों से सिर्फ 700 से कुछ ज्यादा कैदियों को ही रिहा किया जा सका था। इनमें से कुछ ने खुद मना किया था तो कई के सामने कुछ और कारण थे। कोरोना से जेलों को बचाने के लिए प्रशासन ने खासे इंतजाम भी किए थे। बावजूद इसके कोरोना ने जेलों में दस्तक दे दी थी। अकेली देहरादून जेल में ही 100 से अधिक बंदियों में संक्रमण की पुष्टि हुई थी। इस साल संक्रमण से बचने और भीड़ कम करने के लिए कैदियों को पैरोल पर रिहा करने के लिए सूची तैयार की जा रही है। यह संख्या पिछले साल जितनी ही हो सकती है। यही नहीं कैदी भी वही हो सकते हैं।
बंदियों को पैरोल पर रिहा करने के लिए सूची तैयार की जा रही है। जल्द ही हाईपावर कमेटी की मीटिंग होगी। इस कमेटी में मैं भी सदस्य हूं। जल्द ही रिहाई को लेकर फैसला किया जाएगा। ज्यादातर कैदी इस लिस्ट में पिछले साल वाले ही रहने वाले हैं।
-एपी अंशुमान, आईजी जेल, उत्तराखंड