देहरादून: उत्तराखंड में कोरोना संक्रमण के लगातार बढ़ने के बाद स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार और व्यवस्थित करने के लिए अभी तक कांग्रेस व विपक्षी दल अलग स्वास्थ्य मंत्री बनाए जाने की मांग कर रहे थे। अब सरकार के भीतर से ही यह मांग उठी है। कैबिनेट मंत्री डॉ. हरक सिंह रावत ने प्रदेश में अलग स्वास्थ्य मंत्री बनाए जाने की जरूरत जताई है। उनका कहना है कि कई विभाग होने के कारण मुख्यमंत्री की अपनी व्यस्तताएं हैं। इसलिए स्वास्थ्य मंत्रालय की कमान अलग मंत्री को दी जानी चाहिए।
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प्रदेश में कोरोना संक्रमण के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। पिछले दिनों कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष किशोर उपाध्याय ने भी मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर अलग स्वास्थ्य मंत्री बनाने की मांग की थी। पत्र में कोरोना से लगातार गंभीर हो रहे हालातों पर चिंता की थी। उनका अनुरोध था कि अलग मंत्री होने से कोरोना की रोकथाम और रणनीति को लेकर ज्यादा ध्यान दिया जा सकता है।
कोरोना संक्रमण से हालात बहुत खराब हैं। इन हालातों के बीच स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना, उनमें निरंतर सुधार करना और निगरानी तंत्र मजबूत करने के लिए अलग स्वास्थ्य मंत्री तैनात होना चाहिए।
– डॉ. हरक सिंह रावत, कैबिनेट मंत्री
इस राज्य में पहले भी अलग स्वास्थ्य मंत्री रहे हैं। अब तो हालात बहुत गंभीर हैं। कोविड-19 महामारी को देखते हुए सरकार को अलग स्वास्थ्य मंत्री का पहले ही निर्णय ले लेना चाहिए था। मुख्यमंत्री की व्यस्तताएं हैं। वे उतना ध्यान नहीं दे सकते जितना मंत्री दे सकता है। सरकार को इस अनुरोध पर विचार करना चाहिए।
– किशोर उपाध्याय, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष, कांग्रेस