नई दिल्ली: इन दिनों देशभर में कोरोना को लेकर कोहराम मचा है. हर दिन लाखों की संख्या में लोग वायरस का शिकार हो रहे हैं। पिछले दिनों कुंभ के मेले और विधानसभा चुनाव के दौरान कोरोना नियमों को तोड़ने को लेकर हंगामा मचा था। अब इस मुद्दे पर आज सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होगी। दरअसल कोरोना की लहर के बावजूद हरिद्वार के कुंभ मेले में लाखों की भीड़ इकट्ठा हुई थी। इसके अलावा हाल में बंगाल में हुए चुनावों में भी रैलियों में खूब भीड़ जुटी थी।

नोएडा के वकील संजय कुमार पाठक ने इस मुद्दे को लेकर सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर की है। पाठक की तरफ से 16 अप्रैल को दायर की गई इस याचिका पर जस्टिस डॉ. धनंजय वाई चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय पीठ सुनवाई करेगी। इस पीठ में जस्टिस नागेश्वर राव और जस्टिस रवींद्र भट भी शामिल हैं। पाठक ने अपनी याचिका में शीर्ष अदालत से केंद्र सरकार और उत्तराखंड सरकार को हरिद्वार के कुंभ के लिए लोगों को आमंत्रित करने वाले सभी विज्ञापनों को वापस लेने का निर्देश देने की मांग की थी। पिछले साल सितंबर में कोरोना वायरस के मामले तेजी से घटने के बाद इस साल देश में कोरोना की दूसरी लहर से तबाही मची है। इन दिनों हर रोज करीब 4 लाख केस आ रहे हैं। कई लोग इस संक्रमण के लिए कुंभ मेले को भी जिम्मेदार ठहरा रहे हैं। यहां लाखों लोगों को सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों का उल्लंघन करते देखा गया था। इसके अलावा पांच राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश में चुनाव के दौरान जम कर रैलियां भी हुई थी।

सप्रीम कोर्ट द्वारा कोरोना प्रबंधन के स्वत: संज्ञान लिए गए मामले पर सोमवार को तकनीकी व्यवधानों की वजह से सुनवाई नहीं हो सकी, जिसके बाद शीर्ष अदालत ने कहा कि वह इस मामले पर 13 मई को सुनवाई करेगा और इससे न्यायाधीशों को सरकार द्वारा बीती देर रात दायर हलफनामे को पढ़ने का अतिरिक्त वक्त मिल जाएगा। जस्टिस डी वाई चंद्रचूड़, जस्टिस एल एन राव और जस्टिस एस रवींद्र भट की पीठ ने कहा कि आज हमारा सर्वर खराब है। हम न्यायाधीशों ने आपस में चर्चा की और इस मामले पर गुरुवार (13 मई) को सुनवाई का फैसला किया।

जस्टिस भट ने कहा कि इस बीच न्यायाधीश केंद्र द्वारा बीती देर रात दायर अनुपालना हलफनामे को देखेंगे और इस मामले में न्यायमित्र को भी इसे देखकर जवाब देने के लिए समय मिल जाएगा। वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए हो रही सुनवाई के तकनीकी व्यवधान की वजह से बाधित होने से पहले जस्टिस चंद्रचूड़ ने एक खबर का हवाला देते हुए कहा कि पीठ के दो न्यायाधीशों को केंद्र का हलफनामा सोमवार सुबह मिला।