देहरादून: केन्द्रीय मंत्रिमंडल ने हवाई यात्री रोपवे प्रणाली विकसित करने के लिए भारत तिब्बत सीमा पुलिस बल (आईटीबीपी) की जमीन उत्तराखंड सरकार को देने की बुधवार को मंजूरी प्रदान कर दी। जानकारी के अनुसार अनुसार, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केन्द्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में मसूरी स्थित भारत तिब्बत सीमा पुलिस बल (आईटीबीपी) की 1500 वर्ग मीटर भूमि को उत्तराखंड सरकार को हस्तांतरित करने की मंजूरी दे दी गई। इसमें कहा गया है कि राज्य सरकार वहां अपनी एक आधारभूत परियोजना- देहरादून और मसूरी के बीच हवाई यात्री रोपवे प्रणाली (एरियल पैसेंजर रोपवे सिस्टम) का निर्माण कर सकेगी।
आज भारत सरकार की कैबिनेट मीटिंग में केन्द्रीय मंत्रिमंडल ने देहरादून-मसूरी के बीच एरियल पैसेंजर रोपवे सिस्टम विकसित करने के लिए भारत-तिब्बत सीमा पुलिस बल (आईटीबीपी) की 1500 वर्ग मीटर भूमि उत्तराखंड सरकार को हस्तांतरित करने को मंजूरी प्रदान कर दी।
— Tirath Singh Rawat (@TIRATHSRAWAT) May 12, 2021
जानकारी के अनुसार, प्रस्तावित रोपवे 5580 मीटर लंबाई का मोनो-केबल रोपवे है जो सार्वजनिक निजी साझेदारी (पीपीपी) के तहत बनेगा । इसका निचला टर्मिनल स्टेशन देहरादून के पुर्कुल गांव में होगा और ऊपरी टर्मिनल स्टेशन, लाइब्रेरी, मसूरी में होगा। इस रोपवे की अनुमानित लागत 285 करोड़ रुपये है। इससे देहरादून और मसूरी के बीच सड़क मार्ग पर होने वाले यातायात में काफी कमी आएगीI कहा गया है कि इस परियोजना से 350 लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार मिलने के साथ ही 1500 से अधिक लोगों को अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिलने की उम्मीद है। पूर्ण हो जाने के बाद यह रोपवे पर्यटकों के लिए बड़े आकर्षण का केंद्र भी बन सकेगा।
