नैनीताल : उत्तराखंड के कई इलाकों में बुधवार शाम जोरदार बारिश हुई। भारी बारिश के चलते नैनीताल जिले में कई जगहों पर जबरदस्त नुकसान हुआ है। भारी बारिश के चलते कैंची धाम में पहाड़ी का मलबा आ गया, जिससे अल्मोड़ा-भवाली मार्ग पूरी रात बंद रहा। शिप्रा नदी के उफान में आने के कारण माता मंदिर में भी पानी घुसा है। अल्मोड़ा से हल्द्वानी की ओर आने वाले वाहनों को एहतियात के तौर पर खैरना से वाया रामगढ़ खुटानी होते हुए भेजा जा रहा है।

भवाली से अल्मोड़ा जाने वाले वाहनों को रामगढ़ से क्वारब होते हुए भेजने की व्यवस्था बनाई गई है। नथुवाखान से रामगढ़ जाने वाली सड़क पर भी बारिश के बाद मलवा आने से बंद हो गई। कैंची धाम के ऊपर की पहाड़ी से भी मलबा मंदिर परिसर में घुस गया, जिससे मंदिर के कुछ हिस्से को नुकसान पहुंचा है। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी शैलेश कुमार ने बताया कि जिले में बादल फटने की घटना नहीं हुई है। पर अतिवृष्टि के कारण कैंची धाम के समीप हाईवे बाधित हुआ है। मंदिर के साथ ही कुछ घरों में मलबा घुस गया। एहतियात के तौर पर अल्मोड़ा भवाली हाईवे पर यातायात डायवर्ट किया गया है। इसके अलावा बाकी इलाकों में भी कुछ सड़कें बाधित हुई हैं, जिन्हें खुलवाने की कोशिश की जा रही है।
मानसरोवर यात्रा मार्ग में बर्फबारी
बुधवार को मुनस्यारी के उच्च हिमालयी क्षेत्र पंचाचूली, हंसलिंग, राजरंभा, छिपलाकेदार सहित कई जगह बर्फबारी हुई। मानसरोवर यात्रा मार्ग में भी हिमपात हुआ। बुंदी क्षेत्र में भारी बारिश से सड़क बंद है। इससे सेना के साथ स्थानीय लोगों की दिक्कत बढ़ गई है। जौलजीबी मुनस्यारी सड़क व्यालधार में बंद है। जिससे इस सड़क में 20 से अधिक वाहन फंसे हुए है। टनकपुर तवाघाट एनएच में भी तपोवन में नाले के उफना जाने से घंटों यातायात प्रभावित रहा। जिला मुख्यालय में भी भारी बारिश हुई। जनपद के कई हिस्सों में जमकर ओलावृष्टि से फसलों व फलों को नुकसान पहुंचा है। कनालीछीना, थल में आधे इंच से अधिक ओलों ने यहां काफी देर जन जीवन को भी प्रभावित किया।