देहरादून: कोरोना संक्रमण के मुश्किल दौर में जहां हर वर्ग खौफ में है, वहीं पुलिस की ओर से शुरू किया गया मिशन हौसला उम्मीद की किरण साबित हो रहा है। एक मई से शुरू हुए पुलिस के इस अभियान से सैकड़ों जरूरतमंदों को मदद मिल चुकी है। इस महीने के 13 दिनों में पुलिस की ओर से 1023 जरूरतमंदों को ऑक्सीजन सिलिंडर उपलब्ध करवाया गया। वहीं 442 को अस्पतालों में बेड दिलवाया गया। पुलिस की ओर से 125 गंभीर संक्रमितों के लिए प्लाज्मा डोनेट किया। आपातकालीन स्थिति में 7591 व्यक्तियों को पुलिस की ओर से दवा उपलब्ध कराई गई। वहीं 245 को एंबुलेंस और 416 कोरोना संक्रमित मृतकों का दाह संस्कार भी करवाया।
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कोरोना की दूसरी लहर में कुछ लोग ऑक्सीजन सिलिंडर, दवा की कालाबाजारी से बाज नहीं आ रहे हैं। ऐसे में पुलिस की ओर से कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई की जा रही है। पुलिस की ओर से प्रदेश भर में 171 टीमें बनाई गई हैं, जिन्होंने अब तक 1367 दबिश दी। इसमें रेमडेसिविर की कालाबाजारी करते हुए एक व्यक्ति के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया। इसी तरह नकली रेमडेसिविर बेचते एक व्यक्ति के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर चार नकली रेमडेसिविर इंजेक्शन बरामद किए। ऑक्सीजन की कालाबाजारी के मामले में चार के खिलाफ मुकदमे दर्ज कर 11 आरोपितों को गिरफ्तार किया जबकि 95 ऑक्सीजन सिलिंडर बरामद किए।

अशोक कुमार (डीजीपी उत्तराखंड) का कहना है कि मिशन हौसला के तहत सभी जिलों के प्रभारियों को निर्देशित किया गया है कि वह जरूरतमंदों की मदद करें। विपदा की इस घड़ी में आम जनमानस को भी जागरूक होने की जरूरत है। लोग अपने घरों में ही सुरक्षित रह सकते हैं। वहीं कोरोना कर्फ्यू का उल्लंघन करने वालों से सख्ती से निपटने को भी कहा गया है।