रांची: झारखंड में कोरोना की दूसरी लहर अब ढलान पर है। यह स्वास्थ्य विभाग का कोरोना हेल्थ बुलेटिन बता रहा है, क्योंकि राज्य की रिकवरी दर बढ़ कर 91.05 फीसदी तक आ पहुंची है। दूसरी लहर के बाद सरकार अभी से संभावित तीसरी लहर की तैयारी में जुट गयी है। तीसरी लहर में कोरोना के नये म्यूटेंट से बच्चों को ज्यादा खतरा होने का अनुमान है। ऐसे में सरकार समय रहते इसकी तैयारी कर रही है। बच्चों के इलाज के लिए राज्य में नयी गाइडलाइन तैयारी की जा रही है। उम्मीद है कि शीघ्र ही इस गाइडलाइन के हिसाब से मेडिकल कॉलेज व जिला अस्पतालों को निर्देश जारी किया जायेगा। सूत्रों की मानें तो जिला अस्पतालों में आइसीयू व पीडियाट्रिक वार्ड तैयार किया जायेगा।

यहां पीडियाट्रिक बेड, फोटोथेरेपी बेड सहित अन्य जीवन रक्षक उपकरण की व्यवस्था की जायेगी। राज्य के सबसे बड़े अस्पताल रिम्स में शिशु विभाग के एनआइसीयू व नियोनेटल वार्ड की व्यवस्था को सुदृढ़ करने के साथ अलग से आइसीयू तैयार करने की योजना बनायी गयी है। वहीं रांची सदर अस्पताल में 20 बेड का आइसीयू वार्ड बनाया जा रहा है।आइसीयू वार्ड के आधारभूत संरचना को बच्चों के आइसीयू के हिसाब से तैयार किया जा रहा है। रांची सदर अस्पताल के डॉक्टर व नर्स को शिशु आइसीयू के प्रोटोकॉल के हिसाब से प्रशिक्षित किया जा रहा है। ऐसी व्यवस्था राज्य के सभी 24 जिलों में की जायेगी. जिला अस्पतालों में वहां की व्यवस्था के हिसाब से बच्चों के लिए अलग से पांच या 10 बेड का आइसीयू तैयार किया जायेगा।
स्वास्थ्य मंत्री ने भी दिया है निर्देश
कोरोना संक्रमण की तीसरी लहर की अभी से तैयारी के लिए स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता ने भी निर्देश दिया है। मेडिकल उपकरण, दवा, पौष्टिक आहार व अन्य जरूरी सुविधाओं के लिए विशेष डॉक्टरों से सलाह मांगी गयी है। सरकार के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग राज्य के सभी जिला के उपायुक्त व स्वास्थ्य पदाधिकारियों से शिशु आइसीयू व वार्ड तैयार करने में सुझाव देने व वास्तविक स्थिति की जानकारी मांगी गयी है।