देहरादून: शासन ने ब्लैक फंगस को महामारी घोषित किया। कोरोना के साइड इफ़ेक्ट के रूप में सामने आने के बाद यह कदम उठाया गया है। आज शनिवार को इस संबंध में उत्तराखंड शासन द्वारा आदेश जारी कर दिए गए हैं। इस संबंध में राज्य के स्वास्थ्य सचिव पंकज पांडेय ने आदेश जारी कहा है कि कोविड 19 की तरह ब्लैक फंगस को राज्य में महामारी घोषित किया गया है। कोरोना के साथ ही इसका भी इलाज होगा। गौरतलब हैकि एम्स में अब तक चार मरीजों की अब तक मौत हो चुकी है। एम्स ऋषिकेश में ब्लैक फंगस (म्यूकोर माइकोसिस) के कुल 61 मरीज आ चुके हैं। उत्तराखंड में ब्लैक फंगस संक्रमित मरीजों की संख्या प्रतिदिन बढ़ रही है।

ब्लैक फंगस से शुक्रवार को महिला समेत तीन लोगों की मौत हो गई थी। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) ऋषिकेश में ब्लैक फंगस से संक्रमित दो मरीजों ने दम तोड़ा, वहीं रुड़की की एक महिला की हिमालयन अस्पताल जॉलीग्रांट में इलाज के दौरान मौत हो गई थी। इस तरह ब्लैक फंगस से प्रदेश में मरने वाले मरीजों की संख्या पांच हो गई है। एम्स ऋषिकेश में अब तक ब्लैक फंगस के 61 केस मिले हैं। एम्स ऋषिकेश में कुछ दिनों पहले उत्तर प्रदेश के मेरठ निवासी 64 वर्षीय और उत्तराखंड के देहरादून निवासी 65 वर्षीय कोविड संक्रमित को भर्ती कराया गया था।