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फिर बाबा रामदेव के निशाने पर “IMA” एलोपैथी को लेकर उठाए ये सवाल

हरिद्वार: एलोपैथी और एलोपैथिक चिकित्सकों पर की गई योग गुरु बाबा रामदेव की टिप्पणी से उठा तूफान फिलहाल शांत होता नजर नहीं आ रहा है। रविवार को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डा. हर्ष वर्धन के कड़े पत्र के बाद बाबा रामदेव ने भले ही खेद व्यक्त करते हुए अपने वक्तव्य को वापस ले लिया हो, लेकिन सोमवार को उन्होंने फिर से एलोपैथी पर सवाल उठाए हैं। यहां तक कहा है कि, अगर एलोपैथी सर्वशक्तिमान और सर्वगुण संपन्न है तो फिर एलोपैथिक चिकित्सकों को बीमार ही नहीं होना चाहिए। बाबा ने इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आइएमए) और फार्मा कंपनियों के नाम खुला पत्र जारी कर 25 सवाल दागे हैं। पतंजलि योगपीठ के प्रवक्ता एसके तिजारावाला ने इस तरह का पत्र जारी किए जाने किए जाने की पुष्टि की।

बाबा रामदेव की टिप्पणी से देश भर के एलोपैथिक चिकित्सकों में जबरदस्त आक्रोश है। रविवार को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डा. हर्ष वर्धन ने  बाबा रामदेव को पत्र लिख सख्त संदेश भी दिया था। इसमें कहा गया था कि उनकी टिप्पणी एलोपैथिक चिकित्सकों का मनोबल तोड़ने वाली हैं। पत्र में उन्होंने बाबा के कदम से कोरोना के खिलाफ जारी लड़ाई कमजोर होने की आशंका भी जाहिर की थी। इस पर रविवार देर रात बाबा ने खेद जताने के साथ ही इस प्रकरण को विराम देने की बात कही थी, लेकिन सोमवार को बाबा रामदेव ने फिर से एलोपैथी को सवालों के घेरे में खड़ा कर दिया। 

उन्होंने आइएमए और फार्मा कंपनियों से पूछा है कि एलोपैथी के पास हाइपरटेंशन, थायराइड, आर्थराइटिस, कोलाइटिस, अस्थमा और लीवर सिरोसिस जैसी तमाम गंभीर बीमारियों का स्थायी समाधान क्या है। उन्होंने कहा कि अब तो एलोपैथी को शुरू हुए दो सौ साल हो चुके हैं। इसी तरह फार्मा इंडस्ट्री पर सवाल दागते हुए उन्होंने पूछा है कि क्या उनके पास माइग्रेन का स्थायी समाधान है कि एक बार दवा खाने पर यह हमेशा के लिए बंद हो जाए। वह इतने पर ही नहीं रुके पूछा कि आज आदमी बेहद क्रूर हो रहा है, एलोपैथी में उसे इंसान बनाने वाली कोई दवा हो तो बताएं। उन्होंने पूछा है कि क्या फार्मा इंडस्ट्री के पास आयुर्वेद और एलोपैथी के बीच झगड़े को खत्म करने की दवा है। 

 

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Author: nirbhiknazar

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