धनबाद : राष्ट्रीय कोलियरी मजदूर संघ के अध्यक्ष, झारखंड इंटक के प्रदेश अध्यक्ष, राष्ट्रीय खान मजदूर फेडरेशन के अध्यक्ष, इंटक के राष्ट्रीय महामंत्री ,देश के नेता, देश के ख्याति प्राप्त मजदूर नेता राजेन्द्र बाबू देश और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मजदूरों के सवालों पर मजबूती से बात रखने का काम जीवन पर्यंत किया।
संपूर्ण देश, संपूर्ण कोल इडिया लिमिटेड, कोलियरी कार्यालय ,क्षेत्रीय कार्यालय, रीजनल कार्यालय , टाटा कंपनी के प्रमुख जगहो सहित संपूर्ण झारखंड में माननीय राजेंद्र बाबू की प्रथम पुण्यतिथि कोयला मजदूरों और असंगठित मजदूरों परिवार के लोगों ने बहुत ही सम्मान के साथ मनाया।उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी। उनके कार्यों की प्रशंसा की। कोविड -19 के संबंध में जारी निर्देशो का पूरी तरह से पालन किया गया।
संघ के महामंत्री श्री ए के झा ने जारी वक्तव्य में कहा है कि ऐसे समय में जब कोयला मजदूरों को, असंगठित मजदूरों को ,किसानों की लड़ाई में राजेंद्र बाबू का होना अनिवार्य था ।पिछले साल वो हम लोगो से दूर हो गए। वह महान आत्मा थे। वे आध्यात्मिक थे। ईश्वर में उन्हें पूरा विश्वास और भरोसा था। गरीबों, दलितों, शोषित, पीड़ित लोगों की आवाज को ऊंचा उठाते थे। जीवन के अंतिम सांस तक मजदूरों की सेवा करते रहे। पूरा हिंदुस्तान का मजदूर उन्हें कभी भूल नहीं सकता है।पक्ष-विपक्ष के लोगो से वे सौहार्दपूर्ण संबंध रखते थे। कार्यकर्ताओं के वह दर्द को समझते थे। कार्यकर्ताओं के हौसले को बढ़ाकर रखते थे। संगठन की शक्ति को बढ़ाना ,संगठन को एक रखना ,अपने पूर्वजों के रास्ते पर चलना, कांग्रेस को मजबूत करना, इंटक को मजबूत करना यह उनके जीवन का लक्ष्य था।

आज हमारी सरकार की सोच जहां पूंजीवादी हो गई है। भारत की सरकार श्रम कानूनों को संशोधित कर रही है। श्रम सुधारों को समाप्त कर रही है। बच्चों की नौकरी का रास्ता रोका जा रहा है। नौजवान दर-दर भटक रहे हैं। महिलाओं को उचित सम्मान नहीं मिल रहा है। ठेकेदारों के माध्यम से कोल इंडिया को चलाने का काम हो रहा है। कोयला मजदूर संडे ओवरटाइम की सुविधा से भी वंचित है। मजदूरों के बच्चे की नौकरी बंद हो गई है।खाली जगह पर बहाली रोक दी गई है।कोल इंडिया को आर्थिक रुप से कमजोर किया जा रहा है। ऐसे हालात में जबकि रिटायर्ड मजदूरों को पेंशन की बढ़ोतरी नहीं हो रही है।मेडिकल सुविधा ठीक से नहीं मिल पा रहा है। पूर्व में मिल रही सुविधाओं में कटौती हो गई। ग्रेच्युटी कानून में संशोधन की बात करके इसकी अधिकतम राशि 50 लाख करने की बात थी उस पर सरकार मौन है। ऐसे हालात और परिस्थिति में हमारे नेता का हमारे बीच से चला जाना एक बहुत ही दुखद घटना है। राष्ट्रीय कोलियरी मजदूर संघ झारखंड इंटक, राष्ट्रीय खान मजदूर फेडरेशन, गांधी श्रम प्रतिष्ठान ,राष्ट्रीय इंटक उन रास्तों पर चलने का काम करेगा ताकि संगठन और मजदूर -मजदूर आंदोलन के खिलाफ सरकार की मजदूर विरोधी नीति के खिलाफ हम अपनी आवाज उठाते रहे।
आज की भाजपा सरकार पूंजी प्रस्त है ।सरकार सिर्फ चंद पूजी पत्तियों के विषय में सोचती है। देश के गरीब मजदूर किसान अपने अधिकारो के लिए आज सड़कों पर अपनी आवाज उठा रहा है। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के देश भारत में आज तक किसान और मजदूरों को ऐसी बुरी दशा कभी किसी शासनकाल में नहीं हुआ। वर्तमान भाजपा सरकार ने अटल बिहारी वाजपेई के सोच को भी उनके नीति को भी उनकी विचारधारा को भी पूरी तरह से नकार दिया है। इस देश में गरीब मजदूर किसान के सामने पेट की समस्या खड़ी हो गई है। देश संकट से गुजर रहा है। देश हित में हमने सरकार को सहयोग करने का काम किया है। ऐसे हालात में सभी राजनीतिक दल को,देश के हर तबके के लोगों को वर्तमान केंद्र सरकार की सोच और नीति के विरोध में अपनी आवाज बुलंद करनी चाहिए। हम सरकार के दुश्मन नहीं लेकिन देश के लोगों की गरीबी मजबूरी पर आवाज उठाना संघर्ष करना कांग्रेस ,इंटक और मजदूर संगठन की जवाबदेही और राष्ट्रीय धर्म है। इसी रास्ते पर चलने का ज्ञान हमें हमारे पूर्वजों ने दिया है। श्रद्धांजलि के कार्यक्रम में शिरकत करते हुए पूर्व मंत्री श्री मन्नान मल्लिक और जिला कांग्रेस के अध्यक्ष श्री बृजेंद्र प्रसाद सिंह ने कहा राजेन्द्र बाबू के समान कोई नेता भविष्य में होना संभव नहीं है। वह मजदूरों के दिल में बसते थे। कार्यकर्ताओं के सम्मान करते थे। मजदूरों के हक के लिए लड़ते थे। उनका असमय चला जाना बहुत ही दुखद है।
आज चित्रगुप्त महापरिवार करगली बेरमो समिति (सुभाष नगर) की ओर श्रद्धेय राजेंद्र प्रसाद सिंह जी का प्रथम पुण्यतिथि चित्रगुप्त भवन सुभाष नगर में चित्रांशो के द्वारा मनाया गया जिसमें माननीय अध्यक्ष जयप्रकाश सिन्हा ने स्वर्गीय राजेंद्र बाबू के कार्यों का एवं उनके व्यवहारों पर चर्चा की गई। उनके नहीं रहने के उपरांत सबसे अधिक क्षति हुई है चित्रगुप्त महापरिवार को हुई है। उन्होंने बताया आज हम लोगों के बीच नहीं है फिर भी हमारे समाज को उनका आशीर्वाद सदा बना रहेगा। इस श्रद्धांजलि में संरक्षक जयशंकर जयपुरियार जी ने भी दुरभाष द्वारा कार्यक्रम में शामिल हुए, साथ ही माननीय चित्रांश रवि रंजन सिन्हा ,रतन लाल, अरविंद सिन्हा , संजय कुमार सिन्हा राजेश सिन्हा , प्रदीप सिन्हा बिट्टू सिन्हा आशीष रंजन, पपन सिन्हा, विकास सिन्हा, रवि कांत वर्मा एवं अन्य चित्रांश उपस्थित हुए। इस कार्यक्रम को कोविड 19 मैं झारखंड सरकार द्वारा जो भी दिशा निर्देश दी गई है उसके पालन किया गया साथ ही समाजिक दूरी का भी ध्यान रखा गया।
श्रद्धांजलि कार्यक्रम में श्री सुरेश चंद्र झा ,वीरेंद्र अम्बसठ, के बी सिंह, संतोष महतो, एसएस जामा, श्री रामप्रीत यादव, मिथिलेश कुमार सिंह, काली पदो रवानी, एसके शाही, मोहम्मद शमीम खान दिनेश सिंह ,रामचंद्र पासवान ,प्रदीप राय आदि कई लोगों ने भाग लेकर अपना श्रद्धा सुमन अर्पित किया।