देहरादून: एलोपैथी डॉक्टरों को लेकर वायरल टिप्पणी से नाराज आईएमए की राज्य शाखा ने सरकार से बाबा रामदेव के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। आईएमए ने इस संदर्भ में मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत और मुख्य सचिव ओम प्रकाश को पत्र भेजा है। आईएमए ने बाबा रामदेव को नोटिस भेजकर 14 दिन में जवाब मांगा है। चेताया कि अगर तय समय सीमा में जवाब नहीं दिया गया तो उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाएगी। आईएमए की राज्य शाखा के सचिव डॉ. अजय खन्ना की ओर से सोमवार को मुख्यमंत्री और मुख्य सचिव को पत्र भेजा गया। इसके साथ ही मुख्य सचिव को बाबा रामदेव का वायरल वीडियो भी वाट्सएप किया गया है।
Indian Medical Association (IMA) Uttararanchal State Branch writes to Uttarakhand CM Tirath Singh Rawat against Yog Guru Ramdev's statements against allopathic medical profession & medical profession, "hoping for a prompt and strict action" against him. pic.twitter.com/1wUdOHkOXs
— ANI (@ANI) May 25, 2021
डॉ. अजय खन्ना ने अपने पत्र में लिखा है कि बाबा रामदेव के बयान से आईएमए के डॉक्टरों में खासी नाराजगी है और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने भी बाबा रामदेव के बयान को गलत माना है। उन्होंने कहा कि सरकार बाबा रामदेव के खिलाफ तत्काल सख्त से सख्त कार्रवाई करे। इधर, आईएमए की ओर से बाबा रामदेव को मानहानि का नोटिस भी भेजा जा रहा है। डॉ. अजय खन्ना ने बताया कि अभी नोटिस तैयार किया जा रहा है और मंगलवार को नोटिस बाबा रामदेव को भेजा जाएगा। उन्होंने कहा कि इस मामले में मानहानि के दावे के अलावा एफआईआर भी दर्ज कराई जाएगी। सरकार की ओर से ठोस कार्रवाई न होने पर आईएमए रणनीति बनाएगा।

बाबा बयान वापस लेने के बाद हुए हमलावर
हरिद्वार। केंद्र सरकार के सख्त रुख के बाद एलोपैथी चिकित्सा पद्धति पर दिए गए बयान को वापस लेने के बाद बाबा रामदेव सोमवार को एलोपैथिक चिकित्सा पद्धति और फार्मा कंपनियों पर हमलावर हो गए। बाबा रामदेव ने पूछा कि एक आदमी का कम से कम एक किलो वजन कम हो जाए। बिना सर्जरी के बैरियाट्रिक सर्जरी और लाइपोसेक्शन के, बिना किसी छेड़छाड़ के, दवाई खाएं और वजन घट जाएं, क्या फार्मा इंडस्ट्री में ऐसी कोई दवाई है? सोरायसिस, सोरायटिक अर्थरायटिस और सफेद दाग का कोई निर्दोष स्थायी समाधान बताएं। एलोपैथी के पास पार्किंसन का निर्दोष स्थायी समाधान क्या है? बाबा ने यह भी कहा कि कब्ज, गैस, एसीडिटी का फार्मा इंडस्ट्री के पास स्थायी समाधान क्या है? अनिद्रा, लोगों को नींद नहीं आती है, क्योंकि आपकी दवा 4-6 घंटे ही असर करती हैं, वह भी साइड इफेक्ट के साथ।