हरिद्वार: कोरोनाकाल में मरीजों की जान बचाने के लिए हरिद्वार सिकुडल की फार्मा कंपनियां देशभर में जीवन रक्षक दवाओं की आपूर्ति कर रही हैं। एक्मस फार्मा कंपनी इसमें सबसे आगे है। कोविड की दवाओं में शामिल फेबिफ्लू और आईवरमेक्टिन का रिकॉर्ड उत्पादन करने के बाद कंपनी रेमडेसिविर का उत्पादन करने जा रही है। इसके लिए औषधि विभाग केंद्र और राज्य सरकार की संयुक्त टीम ने निरीक्षण भी कर लिया है। जल्द ही एक्मस रेमडेसिविर उत्पादन करने वाले देश की पांचवीं कंपनी हो जाएगी। वैश्विक महामारी कोरोनाकाल में दुनियाभर की फार्मा कंपनियां कोरोना के इलाज के लिए कारगर दवाइयां बनाने में जुटी हैं। बीमारी से बचाव के लिए भले ही स्वदेशी टीका बनने के बाद लोगों को लगना शुरू हो गया है, लेकिन कोई कारगर दवा नहीं बनी है।

राजस्थान और गुजरात से आएगा कच्चा माल
एक्मस कंपनी के एमडी संदीप जैन के मुताबिक आपदा की घड़ी में कंपनी बाजार की हर डिमांड पूरी करने को तैयार है। फेबिफ्लू और आईवरमेक्टिन टैबलेट की देशभर में आपूर्ति हो रही है। डीजीएम डीके शर्मा के मुताबिक कंपनी रेमडेसिविर इंजेक्शन का उत्पादन करने जा रही है। इसके लिए केंद्र और प्रदेश सरकार से अनुमति मिल गई है। संयुक्त टीम कंपनी का निरीक्षण कर चुकी है। जल्द ही उत्पादन की प्रक्रिया शुरू हो सकती है। रेमडेसिविर बनाने वाली एमक्स देश की पांचवी कंपनी बन जाएगी। डीजीएम डीके शर्मा के मुुताबिक इंजेक्शन उत्पादन के लिए राजस्थान और गुजरात से कच्चा माल आएगा।
ब्लैक फंगस के इंजेक्शन उत्पादन करने में सक्षम
कंपनी के जीएम राजकुमार के मुताबिक ब्लैक फंगस के इंजेक्शन उत्पादन के लिए कंपनी संभावना तलाश रही है। कंपनी ब्लैक फंगस के इंजेक्शन उत्पादन करने में सक्षम है। इसके लिए कागजी औपचारिकताएं शुरू कर दी हैं। औषधि निरीक्षक अनिता भारती ने बताया कि एक्मस के पास तकनीक, उत्पादन क्षमता और मैन पावर है। हरिद्वार में ब्लैक फंगस और रेमडेसिविर इंजेक्शन उत्पादन होने से प्रदेश ही नहीं देश में काफी राहत मिल जाएगी।