देहरादून: सऊदी सरकार से निर्देश मिलने के बाद हज कमेटी उत्तराखंड ने तय किया है कि हज यात्रा पर जाने वालों को अपना ऑनलाइन हेल्थ वेरिफिकेशन कराना अनिवार्य होगा। हज कमेटी उत्तराखंड के चेयरमैन शमीम आलम ने बताया कि सऊदी सरकार और हज कमेटी ऑफ इंडिया से मिली जानकारी के तहत, हज आवेदकों के लिए कोविड-19 के चलते ऑनलाइन हेल्थ वेरिफिकेशन कराना अनिवार्य है। इसमें हज आवेदकों को कोविड वैक्सीन की प्रथम व द्वितीय डोज लगाने के बाद उक्त कोविशील्ड या को-वैक्सीन का सार्टिफिकेट हज कमेटी की वेबसाइट पर अपलोड करना होगा। हज आवेदक मेडिकली फिट होना चाहिए। यदि छह माह के भीतर कोई भी आवेदक अस्पताल में उपचार के लिए भर्ती हुआ है तो इसकी सूचना ऑनलाइन फॉर्म में भरनी होगी।

यदि कोई हज आवेदक मेडिकली फिट नहीं है या छह माह के भीतर किसी भी बीमारी से ग्रसित रहा है तो उनको हज यात्रा पर जाने की इजाजत नहीं होगी। हज 2021 में जो भी हज आवेदक हज यात्रा पर जाना चाहते हैं, उन्हें ऑनलाइन फॉर्म में हां या ना पर टिक करना जरूरी है। हज आवेदकों की आयु 18 से 60 वर्ष तय की गई है। जिन हज आवेदकों की आयु 60 वर्ष से अधिक है, उनका चयन स्वत: निरस्त कर दिया जाएगा।
710 ने किया हज यात्रा के लिए आवेदन
इस बार हज यात्रा जुलाई में होगी। बताया जा रहा है कि अगले सप्ताह यह स्पष्ट हो जाएगा कि भारत से कितने जायरीन जाएंगे, उनमें उत्तराखंड के कितने लोगों को मौका मिलेगा। हज कमेटी के अनुसार, प्रदेश से 710 लोगों ने आवेदन किया है। इनमें हरिद्वार से 254, ऊधमसिंह नगर से 210, देहरादून से 155, नैनीताल से 64, पौड़ी गढ़वाल से 18, अल्मोड़ा से चार, टिहरी से तीन, चंपावत से दो लोगों ने आवेदन किया है।