हरिद्वार: कोरोनाकाल में हुए कुंभ मेले में मच्छर और मक्खियां मारने में दो करोड़ 65 लाख रुपये खर्च होने की वायरल पोस्ट धर्मनगरी में चर्चाओं में बनी है। वायरल पोस्ट में कीटनाशक दवाओं की खरीद और खर्च का पूरा ब्योरा है। कीटनाशक दवाओं की खरीद खुले बाजार की तुलना में काफी महंगी है। इस पर लोग सवाल भी उठाने और थर्ड पार्टी जांच की मांग करने लगे हैं।
कोरोनाकाल में कुंभ मेले की अधिसूचना एक अप्रैल से लागू हुई। 30 अप्रैल तक चलने वाला मेला 14 अप्रैल के शाही स्नान के बाद ही सांकेतिक हो गया। मेले के विधिवत समापन के करीब एक माह बाद बृहस्पतिवार को सोशल मीडिया पर एक पोस्ट वायरल हुई। पोस्ट मेला स्वास्थ्य विभाग की बताई जा रही है। जिसमें 15 मार्च से 15 मई तक मच्छरों और मक्खियों को मारने और भगाने और सैनिटाइजेशन पर दो करोड़ 65 लाख रुपये कीमत के अलग-अलग छह कीटनाशक खरीदने का ब्योरा है। इसमें मक्खी-मच्छर नियंत्रण विभाग और मेला प्रशासन के अधिकारियों के हस्ताक्षर भी हैं। वायरल पोस्ट खूब चर्चाओं में है। चर्चा की वजह ब्योरे में कीटनाशकों की जो कीमत दर्ज है वह खुले बाजार की तुलना में काफी अधिक है।
प्रांतीय उद्योग व्यापार मंडल के जिला महामंत्री संजय त्रिवाल ने आरोप लगाया कि कुंभ मेले में सड़कों के निर्माण से लेकर सामान की खरीद में बड़े पैैमाने पर भ्रष्टाचार हुआ है। सरकार को यदि सीमित स्तर पर कुंभ कराना था तो इतनी तैयारियों पर बजट खर्च क्यों किया गया। कीटनाशकों की खरीद से लेकर पूरे कुंभ बजट खर्च की थर्ड पार्टी से जांच कराई जाए।

महानगर व्यापार मंडल के जिलाध्यक्ष सुुनील सेठी ने कहा कि कुंभ में आम जनता के पैसे की बर्बादी हुई है। वायरल पोस्ट पर कुंभ से जुड़े अधिकारियों की जवाबदेही है। कुंभ बजट खर्च की न्यायिक जांच कराई जाए और खर्च का ब्योरा सार्वजनिक किया जाना चाहिए। वायरल पोस्ट और भ्रष्टाचार के आरोपों के बीच अमर उजाला ने खुले बाजार में कीटनाशक दवाओं की कीमतों के लेकर पड़ताल की। होलसेल कीटनाशक दवा विक्रेता मनीष जैन और विकल्प ने बताया कि वायरल पोस्ट में दर्ज अधिकतर कीटनाशक हरिद्वार में नहीं मिलते हैं। नगर निगम और निकाय इनका इस्तेमाल करते हैं और सीधे कंपनियों से खरीदते हैं। मनीष जैन ने बताया कि सहारनपुर यूपी से भी कीटनाशकों की हरिद्वार में आपूर्ति होती है।
सहारनपुर के कीटनाशक दवाओं के थोक कारोबारी गुलशन राय से दवाओं के मूल्य को लेकर बातचीत की गई। गुलशन राय ने बताया कि कोरोनाकाल में कीटनाशकों की मांग बढ़ी हैं। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के अलावा उत्तराखंड के बाजारों में उनके यहां से कीटनाशक की सप्लाई होती है। वायरल पोस्ट में कीटनाशकों की कीमतों का जिक्र सुनकर गुलशन राय दंग रह गए। गुलशन राय के बताई कीमतों के आधार पर ही वायरल पोस्ट में दर्ज कीमतों से तुलना की गई।
कीटनाशक -मेला प्रशासन ने खरीदा -खुले बाजार में कीमत रुपये में
– टेमीफोस 50 फीसदी -1580 रुपये लीटर -1200 रुपये
– मैलाथियान डस्ट 5 फीसदी -90 रुपये किलो -24 रुपये
– डेल्टामेथ्रिन 2.5 फीसदी -1720 रुपये लीटर -900 रुपये
– सायफेनोथ्रिन 5 फीसदी -1800 रुपये लीटर -1400 रुपये
– मैलाथियान 95 फीसदी -545 रुपये किलो -450 रुपये
– पायरीथम 2 फीसदी -2250 रुपये लीटर -1600 रुपये
– नियमानुसार टेंडर के माध्यम से कीटनाशकों की आपूर्ति का ठेका दिया गया। न्यूनतम दर पर ही कीटनाशकों की खरीद की गई है। – डॉ. अर्जुन सिंह सेंगर, मेला अधिकारी स्वास्थ्य