देहरादून: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) की ओर से बारहवीं की परीक्षा को निरस्त करने के निर्णय के बाद आईसीएसई ने भी 12 वीं की परीक्षा निरस्त कर दी है। उत्तराखंड बोर्ड भी अपने करीब 1.22 लाख छात्र-छात्राओं के लिए 12वीं की परीक्षा रद कर सकता है। सीबीएसई के बारे में यह फैसला होने के बाद राज्य सरकार के इसी तर्ज पर आगे बढ़ने के संकेत हैं। शिक्षा मंत्री अरविंद पांडेय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश की परिस्थितियों को ध्यान में रखकर यह फैसला लिया। मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में दो-तीन दिन में बैठक बुलाकर छात्र हित में फैसला लिया जाएगा। सीबीएसई की 12वीं की परीक्षा रद किए जाने के बाद उत्तराखंड बोर्ड के भी इसी तरह यू-टर्न लेने के संकेत हैं। दरअसल सीबीएसई के पहले परीक्षा कराने के फैसले के बाद प्रदेश सरकार ने भी कमोबेश इसी तर्ज पर कदम उठाया। 12वीं की परीक्षा के पुराने अथवा बहुविकल्पीय प्रश्नपत्र पैटर्न को लेकर इन दिनों में बोर्ड से लेकर शासन स्तर पर मंथन चल रहा था। अब उत्तराखंड बोर्ड परीक्षा को लेकर सरकार जल्द यह फैसला ले सकती है।

शिक्षा मंत्री अरविंद पांडेय ने का कहना है कि कोरोना वायरस संक्रमण से उत्पन्न परिस्थितियों का आकलन उत्तराखंड में भी किया जा रहा है। आगामी गुरुवार या शुक्रवार को मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में बैठक में इस संबंध में उचित निर्णय लिया जाएगा। सरकार राज्य में कोरोना वायरस संक्रमण की मौजूदा स्थिति और परीक्षार्थियों की सुरक्षा को ध्यान में रखकर मंथन करेगी। इससे पहले सीबीएसई की तर्ज पर ही उत्तराखंड बोर्ड की 10वीं की परीक्षा को भी रद किया जा चुका है।