देहरादून: उत्तराखंड के 2300 से ज्यादा पुलिसकर्मियों की रिपोर्ट अब तक पॉजिटिव आ चुकी है। इनमें 93 प्रतिशत जवानों ने कोरोना वैक्सीन की दोनों डोज ली थी। विभाग की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार राज्य में अब तक 2382 पुलिसकर्मी संक्रमित हो चुके हैं। इनमें से पांच की जान जा चुकी है। कुछ पुलिसकर्मियों के परिजनों की मौत की हुई है। उत्तराखंड में कोरोना की स्थित के बारे में इंडिया टुडे से बात करते हुए डीआईजी लॉ एंड आर्डर निलेश आनंद ने बताया कि 2382 पुलिसकर्मी और अधिकारी अब तक संक्रमित हो चुके हैं। यही नहीं, इन पुलिसकर्मियों के 751 परिजन भी अब तक संक्रमित हुए हैं। कोरोना के कारण अब तक पांच पुलिसकर्मियों और उनके 64 परिजनों की अब तक मौत हो चुकी है।

उन्होंने कहा कि अगर प्रतिशत में बात करें तो वैक्सीन की दोनों डोज लगवाने के बाद भी 93 प्रतिशत संक्रमित हो गए। लेकिन वैक्सीन के कारण इनकी जान को खतरा नहीं हुआ। यह हमारे लिए बढ़िया बात रही। इन सब के बीच पुलिसकर्मी कड़ी मेहनत से अपनी ड्यूटी कर रहे हैं। डीआईजी के अनुसार मिशन हौसला अभियान के दौरान ही ज्यादातर पुलिसकर्मी और अधिकारी संक्रमित हुए हैं। उत्तराखंड में कोरोना से पीड़ित लोगों को ऑक्सीजन, बेड और प्लाज्मा की उपलब्धता सुनिश्चित कराने के लिए पुलिस ने पिछले महीने मिशन हौसला लांच किया था। इसके अलावा भी पुलिसकर्मी आम लोगों को राशन, एम्बुलेंस, शवों की अंत्येष्टि आदि में मदद करते रहे।
मिशन हौसला के तहत 31815 फोन कॉल केवल मई महीने में रिसीव की गई। इसमें 2726 लोगों को ऑक्सीजन सिलेंडर उपलब्ध कराया गया। 217 को प्लाज्मा मिला और ब्लड डोनेशन कराया गया। उत्तराखंड पुलिस ने 17609 को दवाइयां भी उपलब्ध कराईं। इनके अलावा 94484 लोगों को राशन, दूध और पका हुआ भोजन देकर मदद की गई। पुलिसकर्मियों ने 492 कोरोना से मरे लोगों की अंत्येष्टि भी कराई। कोरोना की पहली लहर में भी 1982 पुलिसकर्मी संक्रमित हुए और आठ की मौत हुई थी। फिलहाल राज्य में कोरोना कर्फ्यू आठ जून तक बढ़ा दिया गया है।