देहरादून: कोरोना संक्रमण से मुक्त होने वाले ब्लॉक और जिलों को सरकार कोविड कर्फ्यू से मुक्त कर सकती है। इन स्थानों पर बाजारों को एक दिन छोड़कर एक दिन के फार्मूले से खोलने और वाहनों को पूरी क्षमता के साथ संचालन की छूट देने पर विचार किया जा रहा है। हालांकि यह छूट तभी दी जाएगी जब कोरोना संक्रमण पूरी तरह से नियंत्रण में आ जाएगा। सरकारी प्रवक्ता सुबोध उनियाल ने कहा कि सरकार सभी पहलुओं का अध्ययन कर रही है। ब्लॉक और जिला स्तर पर अधिकारियों से संक्रमण की स्थिति की जानकारी ली जा रही है। राज्य में 10 मई से कोविड कर्फ्यू लागू है। सख्ती से इसे लागू कराया जा रहा है। इसकी वजह से कोरोना संक्रमण में कुछ कमी भी नजर आ रही है, लेकिन आर्थिक गतिविधियां करीब करीब पूरी तरह से ठप हैं। व्यापारी भी बाजारों को ज्यादा समय के लिए खोलने की मांग उठाने लगे हैं।

सरकारी प्रवक्ता ने बताया कर्फ्यू के मुद्दे पर रोजाना उच्च स्तर पर मंथन किया जा रहा है। सीएम तीरथ सिंह रावत खुद भी सभी जिलों से अपडेट ले रहे हैं। सात जून को सीएम की अध्यक्षता में बैठक कर कर्फ्यू की नई रणनीति तय की जाएगी। सरकारी प्रवक्ता सुबोध उनियाल ने कहा कि सरकार खुद भी नहीं चाहती कि राज्य में लंबे समय तक करफ़यू लागू रहे और लोगों को परेशानी हो। लेकिन मानवजीवन की सुरक्षा से बढकर कुछ नहीं है। यदि कोरोना संक्रमण की स्थिति चिंताजनक होती है तो सरकार सख्ती को बढ़ा भी सकती है और नियंत्रित होगी तो रियायत देने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।
इन 7 जिलों मे मिल सकती है कोरोना कर्फ़्यू से राहत
उत्तराखंड के सात जनपदों को कोविड कर्फ्यू में बड़ी राहत मिल सकती है। इन सात जिलों में संक्रमण की दर केंद्र के मानक पांच फीसदी से कम है। चिंता की बात यह है कि तीन पर्वतीय जिलों में संक्रमण दर आठ फीसदी ने ज्यादा है। आंकड़ों के अनुसार सूबे के सात जनपदों में संक्रमण की दर पांच फीसदी से कम है। यह दर ऊधमसिंह नगर में 2.28, हरिद्वार में 2.35, चंपावत में 3.40, बागेश्वर में 3.45, देहरादून में 3.96, टिहरी में 4.16, उत्तरकाशी में 4.62 फीसदी है। केंद्र सरकार की ओर से जारी गाइड लाइन के अऩुसार अगर किसी जनपद में संक्रमण की दर पांच फीसदी से कम है तो उन जिलों में कोविड कर्फ्यू में राहत दी जा सकती है।
समीक्षा के आंकड़े बताते हैं कि अल्मोड़ा में संक्रमण दर सबसे ज्यादा 8.84 फीसदी है। पिथौरागढ़ में 8.84, चमोली में 8.23, पौड़ी में 7.95, नैनीताल में 6.92 और रुद्रप्रयाग में संक्रमण की दर 6.38 फीसदी है। जाहिर है कि इन जिलों में कोविड कर्फ्यू से राहत मिलने की संभावना खासी कम है।