देहरादून: राज्य की सभी जेलों में जल्द ही औषधीय पौधों की खुशबू महकेगी। जेल प्रशासन की ओर से जेल परिसर में आयुर्वेदिक पौधे लगाने की तैयारी की जा रही है। इतना ही नहीं, बंदियों के कोरोना से लड़ने को इम्यूनिटी बढ़ाने में भी औषधीय पौधों का प्रयोग किया जाएगा। जेल आईजी की ओर से राज्य के सभी जेल अधिकारियों को जेल परिसर में औषधीय पौधे लगाए जाने के निर्देश जारी किए गए हैं। जेल आईजी एपी अंशुमान की ओर से जेल व्यवस्था सुधारने के साथ-साथ जेल में सजा काट रहे बंदियों की सुविधाओं पर भी जोर दिया जा रहा है। जेल आईजी की ओर से लगातार तकनीकी से लेकर जेल परिसर में पर्यावरण व्यवस्था सुधार पर भी जोर दिया जा रहा है। कोरोना काल में जेल आईजी की ओर से एक अनूठी पहल शुरू की जा रही है।

दरअसल, कोरोना काल में सूबे की सभी जेलों में औषधीय पौधे रोपे जाने की तैयारी शुरू कर दी गई है। औषधीय पौधे लगने से एक तरफ जेल परिसर का माहौल प्रदूषण मुक्त होगा तो दूसरी तरफ बंदियों का स्वास्थ्य पर भी इसका अच्छा असर पड़ेगा। साथ ही औषधीय पौधों के फल, पत्ती और जड़ों के सेवन से बंदियों की इम्यूनिटी भी मजबूत होगी।
कई जेलों में पहले से ही तुलसी, अदरक, हल्दी और पुदीना की खेती की जा रही है। अब कोरोना काल में जेलों में औषधीय पौधे लगाने के आदेश दिए गए हैं। औषधीय पौधे लगने से बंदियों के नकारात्मक भाव मिट सकेंगे। साथ ही औषधीय पौधों से होने वाले लाभ का भी ज्ञान मिलेगा। – एपी अंशुमान, जेल आईजी
ये लगेंगे औषधीय पौधे
तुलसी, पीपल, बरगद, नीम, आंवला, अमलतास, अर्जुन, अशोक और जामुन।