देहरादून: अब राज्य के सभी सचिव, डीएम और विभागाध्यक्षों को पर्यावरण बजट मिलेगा। बजट का ये हिस्सा पर्यावरण संरक्षण के लिए खर्च किया जाएगा। इसके अलावा एक साल के भीतर राज्य में राजस्व, नगर निकाय या वन विभाग के रिकार्ड में दर्ज सभी तालाब व अन्य जल स्रोतों का पुनर्जीवन किया जाएगा। विश्व पर्यावरण दिवस पर वन एवं पर्यावरण मंत्री डा. हरक सिंह ने ये घोषणा की।

सचिवालय में आयोजित प्रेस वार्ता में वन मंत्री ने कहा कि सरकार ने पर्यावरण संरक्षण के लिए कई अहम निर्णय लिए हैं। उन्होंने बताया कि वर्षा जल के संरक्षण के लिए सभी सरकारी रिकार्ड में दर्ज तालाबों, चाल खाल, नालों और अन्य प्रकार के जल स्रोतों को एक साल के भीतर पुनर्जीवित किया जाएगा।