देहरादून। मानसून सीजन की चुनौतियों से निबटने के मद्देनजर शासन निरंतर सक्रिय है। इस कड़ी में सचिव आपदा प्रबंधन एसए मुरुगेशन ने सचिवालय में हुई बैठक में आपातकालीन स्थिति के दौरान त्वरित प्रतिवादन में सैन्य व अर्द्धसैनिक बलों और दूरसंचार विभाग की भूमिका को महत्वपूर्ण बताते हुए उनके साथ बेहतर समन्वय पर बल दिया।

सचिव मुरुगेशन ने कहा कि आपदा के समय आपदा कंट्रोल रूम एक वार रूम की तरह होता है। ऐेसे में जरूरी है कि आपदा प्रबंधन समेत सभी विभागों, संस्थाओं, सैन्य व अर्द्धसैनिक बलों के साथ बेहतर समन्वय हो। उन्होंने सैन्य व अर्द्धसैनिक बलों और दूरसंचार विभाग से अपेक्षा की कि वे अपने अधिकारियों की अपडेट संपर्क सूची आपदा प्रबंधन विभाग को उपलब्ध कराएं। उन्होंने आपदा के दौरान सैन्य एवं अर्द्धसैनिक बलों के उच्चस्तरीय अधिकारियों को किसी प्रकार की मदद मांगने के लिए आपदा विभाग की ओर से प्रस्ताव भेजने की विधि के संबंध में भी चर्चा की। उन्होंने नागरिक उड्डयन विकास प्राधिकरण को निर्देश दिए कि वह सैन्य व अद्र्धसैनिक बलों के साथ हेलीपैड का विवरण साझा करे।
दूरसंचार विभाग के अधिकारियों ने बताया कि आपातकालीन संदेशों को जनता तक पहुंचाने के लिए कामन अलर्ट प्रोटोकाल एक सफल प्रयास है। सैन्य एवं अर्द्धसैनिक बलों के अधिकारियों ने सुझाव दिया कि कम से कम साल में एक बार माक एक्सरसाइज होनी चाहिए। साथ ही खोज व बचाव के लिए स्वयंसेवकों प्रशिक्षण देने पर भी सहमति जताई।