देहरादून : राज्यपाल बेबी रानी मौर्य ने नेता प्रतिपक्ष इंदिरा हृदयेश के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने इंदिरा की मौत को प्रदेश की राजनीति की बड़ी क्षति करार दिया। कहा कि अपने जीवन में उन्होंने इतनी सुलझी, समझदार और सम्मानजनक महिला नेता नहीं देखी। वह हमेशा ही जनहित के मुद्दों को लेकर आवाज उठाती थी। जिसमें कतई राजनीतिक झलक देखने को नहीं मिलती थी। रविवार को राज्यपाल बेबी रानी मौर्य नैनीताल राजभवन पहुंची। जहां पुलिस की टुकड़ी ने उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया।

देर शाम राज्यपाल ने पत्रकार वार्ता कर नेता प्रतिपक्ष इंदिरा हृदयेश की मौत पर शोक संवेदना प्रकट कर कहा कि इंदिरा का 47-48 वर्ष का राजनीतिक कार्यकाल रहा। इस दौरान उनकी भी कई मुलाकातें इंदिरा से हुई। कहा कि देहरादून में हुए विधानसभा सत्र में उन्होंने कई बार इंदिरा को जनहित के कई मुद्दे गंभीरता से रखते हुए सुना है। उनके मुद्दों में कभी भी उन्हें यह प्रतीत नहीं हुआ कि वह कांग्रेस पार्टी की बात विधानसभा में रख रही हो। उन्होंने इंदिरा की मौत को उत्तराखंड की राजनीति की बड़ी क्षति करार दिया। कहा कि उत्तराखंड की राजनीति में ऐसी महिला नेत्री मिलना मुश्किल है।
इंदिरा की शालीनता को लेकर सुनाया संस्मरण
राज्यपाल बेबी रानी मौर्य ने कहा कि इंदिरा ना सिर्फ एक सफल राजनीतिक नेता रही, बल्कि वह बहुत ही शालीन और सुलझी हुई महिला थी। उन्होंने इंदिरा की शालीनता को लेकर बीते वर्ष देहरादून में आयोजित विधानसभा सत्र को लेकर संस्मरण सुनाया। उन्होंने कहा कि देहरादून में आयोजित विधानसभा सत्र को लेकर सभी कांग्रेसी विधानसभा भवन के बाहर धरने पर बैठे हुए थे। जब वह संबोधन के लिए विधानसभा भवन पहुंची तो सभी कांग्रेसियों ने उनकी राह रोक ली। यह देख इंदिरा सामने आई और सभी कार्यकर्ताओं को समझा-बुझाकर उन्हें अंदर भेजा। जिसके बाद वापस ही मैं भी उन्होंने अपनी सीट छोड़कर बाहर जाने का रास्ता दिया। जिससे वह बेहद प्रभावित हुई।