रांची: झारखंड मंत्रिमंडल में मंत्री पद को लेकर सियासी बयानबाजी शुरू हो गई है. वहीं मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के दिल्ली पहुंचने से राजनीतिक पारा भी बढ़ गया है. राज्य में गठबंधन की सरकार में झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) दल के केंद्रीय महासचिव सुप्रियो भट्टाचार्य ने अब साफ तौर पर यह कह दिया है कि जब भी राज्य में मंत्रिमंडल का विस्तार होगा और 12वां मंत्री बनेगा तो वह झामुमो का होगा. उन्होंने कहा कि इसमें किसी भी तरह का कोई संदेह नहीं है कि राज्य सरकार में 12 मंत्री झारखंड मुक्ति मोर्चा से होगा. उन्होंने गठबंधन की गणित को समझाते हुए कहा कि यह तस्वीर तो पहले ही साफ हो गई थी. गठबंधन नियमों के मुताबिक सात मंत्री झामुमो से जबकि वहीं चार मंत्री कांग्रेस से और एक मंत्री राजद से तय हुआ था.

ये है गठबंधन का समीकरण
वहीं अगर हम सरकार की स्थिति पर नजर डाले तो झामुमो के पास सबसे ज्यादा विधायक 30 हैं. जबकि वहीं कांग्रेस के पार 16 और राजद के पास एक विधायक सरकार में शामिल है. उन्होंने कहा कि सहयोगी पार्टी के विधायकों की संख्या को ध्यान में रखें तो झामुमों सबसे बड़ी पार्टी है.
कांग्रेस की दावेदारी हुई कमजोर
माना जा रहा है झामुमों के कड़े तेवर और सुप्रियो भट्टाचार्य के तीखे अंदाज के बाद अब खाली पड़े एक मंत्री पद के लिए कांग्रेस की दावेदारी कमजोर हो गई है. वहीं दूसरी तरफ इस पर पार्टी के नेता कह रहे हैं कि इस मामले पर मुख्यमंत्री का विशेषाधिकार है लेकिन वहीं एक मंत्री पद को लेकर पार्टी में अदर ही अदर खींचतान शुरू हो गई है.