देहरादून: भारतीय किसान यूनियन टिकैत का तीन दिवसीय किसान कुंभ कई महत्वपूर्ण प्रस्ताव पास करने के साथ संपन्न हो गया। अंतिम दिन भाकियू के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी नरेश टिकैत ने कृषि कानूनों को रद्द करने की मांग के समर्थन में 26 जून को ट्रैक्टर और भैंसा बुग्गियों के साथ देहरादून स्थित राज्यपाल आवास का घेराव करने का ऐलान किया। वीआईपी घाट पर आयोजित सांकेतिक किसान कुंभ में उन्होंने कहा कि पहाड़ के किसानों को खेतों से मंडी तक अपनी उपज को लाने में ट्रांसपोर्ट का बहुत अधिक खर्च वहन करना पड़ता है। इसलिए सरकार पहाड़ के किसानों को ट्रांसपोर्ट सब्सिडी दे। उन्होंने कहा कि पर्वतीय क्षेत्र के किसान जंगली जानवरों से परेशान हैं। जंगली जानवरों के उत्पात से निजात दिलाने के लिए जरूरी कदम उठाए जाने चाहिए। पहाड़ों पर चकबंदी प्रक्रिया शुरू की जाए। देशभर के किसानों को डीजल कार्ड बनाकर 40 रुपये प्रति डीजल उपलब्ध कराएं। कोरोनाकाल के बिजली, पानी बिल और स्कूलों की फीस व सभी प्रकार के टैक्स माफ करके आमजन को राहत दी जाए।

उन्होंने कहा कि जब तक केंद्र सरकार तीनों कृषि कानूनों को वापस नहीं लेती तब तक गाजीपुर, टिकरी और सिंधू बॉर्डर पर आंदोलन जारी रहेगा। कोरोना संक्रमण खत्म होने पर पूरे देश में कृषि कानूनों को रद्द कराने के लिए राष्ट्रव्यापी आंदोलन का बिगुल भी फूंका जाएगा। गढ़वाल मंडल अध्यक्ष संजय चौधरी ने कहा कि गाजीपुर बॉर्डर पर चल रहे आंदोलन से उत्तराखंड के आखिरी गांव माणा तक के किसानों को जोड़ा जाएगा। इसके लिए जल्द ही पहाड़ पर भाकियू को सक्रिय किया जाएगा। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने गाजीपुर और दिल्ली में किसानों पर जो अत्याचार किया है, उसकी फिल्म आने वाले विधानसभा चुनाव में गांव-गांव में दिखाकर जानकारी किसानों को दी जाएगी। इस मौके पर जिलाध्यक्ष विजय कुमार शास्त्री, धर्मेंद्र, अरविंद राठी, रोहित चौधरी, अमित सैनी, पिंटू, सुकरमपाल, भूपेंद्र सैनी, हरेंद्र सिंह, राजेंद्र सिंह, सीके सिंह, रामपाल आदि मौजूद रहे।