लखनऊ/देहरादून: कोविड की दूसरी लहर के दौरान जब UP से काफी बदइंतजामी की खबरें आईं तो ऐसा लगा कि BJP बचाव की मुद्रा में है. तब से राजनीतिक गलियारों में इस चर्चा ने जोर पकड़ा कि BJP अगले विधानसभा चुनाव में अपनी स्थिति कुछ ठीक करने के लिए राज्य के विभाजन का दांव खेल सकती है. कुछ लोगों ने इससे BJP की अंदरूनी राजनीति से जोड़कर देखा और ये अटकल लगाई गई कि योगी की ताकत को कम करने के लिए भी UP को बांटने पर सोचा जा सकता है. उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी ने राज्य के विभाजन की संभावना को पूरी तरह नकार दिया है. सीएम योगी का कहना है कि ‘UP के विभाजन की चर्चा राजनीति से प्रेरित है ऐसा नहीं होगा. UP जैसा है उसी रूप में मजबूती की तरफ आगे बढ़ेगा.’ योगी आदित्यनाथ ने 23 जून को को इंडियन एक्सप्रेस के एक्सप्रेस अड्डा कार्यक्रम में ये बात कही. UP को बांटकर चार राज्य बनाने का आइडिया दशकों पुराना है. जब उत्तराखंड को अलग राज्य बनाया गया तब इस पर काफी चर्चा हुई थी कि पूर्वांचल और पश्चिमी उत्तर प्रदेश को हरित प्रदेश बना दिया जाए. बाकी हिस्से को मूल उत्तर प्रदेश रहने दिया जाए. छोटे राज्यों के पक्ष में काफी दलीलें हैं लेकिन अगर योगी की बात को माना जाए तो फिलहाल UP के बंटवारे की तो कोई संभावना नहीं है. पश्चिम बंगाल में ही BJP की हार के बाद राज्य के विभाजन की अटकलें चली हैं.

उत्तराखंड के सीएम ने फोन पर योगी से कही ये बात
यूपी में उत्तराखंड की बसों के प्रवेश पर जारी रोक जल्द खत्म हो सकती है। सीएम तीरथ सिंह रावत ने गुरूवार को यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ से फोन पर इस सिलसिले में बात की। सीएम ने कहा कि यूपी की बसें नियमित रूप से उत्तराखंड की सीमा तक आ रही है, तो फिर भला उत्तराखंड की बसों पर रोक क्यों? सूत्रों के अनुसार यूपी सीएम ने उचित कार्यवाही का वादा किया है। उम्मीद की जा रही है कि एक हफ्ते के भीतर ही उत्तराखंड रोडवेज की बसों का संचालन भी शुरू हो जाएगा। सीएम ने गुरूवार को परिवहन मंत्री यशपाल आर्य के साथ रोडवेज के हालात पर विस्तार से चर्चा की। परिवहन सचिव डॉ. रंजीत कुमार सिन्हा, एमडी-रोडवेज अभिषेक रोहिला, जीएम-दीपक जैन आदि अधिकारियों से उन्होंने अपडेट लिया। वित्तीय स्थिति को सुधारने के लिए सीएम ने बैठक के बीच में ही वित्त सचिव अमित नेगी को भी बुला लिया था।