देहरादून: रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने लद्दाख से उत्तराखंड के छह पुलों का उद्घाटन किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि देश के विकास के लिए सड़कें व पुल बेहद जरूरी हैं। सीमांत में पुल और सड़कें जहां सामरिक महत्व के लिए आवश्यक हैं, वहीं पर्यटन के लिहाज से भी जरूरी हैं। इसके साथ ही रक्षा मंत्री ने देश के 75 पुलों व सड़कों का भी उदघाटन किया।
आज माननीय रक्षा मंत्री श्री @rajnathsingh जी द्वारा उत्तराखण्ड, अरुणाचल प्रदेश, सिक्किम, नागालैंड, मिजोरम, J&K, लद्दाख तथा हिमाचल प्रदेश में किए गए 63 पुलों के उद्घाटन के अवसर पर वर्चुअली भाग लिया।
देश को इन पुलों की सौगात देने के लिए माo रक्षा मंत्री जी का सहृदय आभार! pic.twitter.com/VEcSF31qTs
— Tirath Singh Rawat (@TIRATHSRAWAT) June 28, 2021
सोमवार को लददाख से आयोजित वर्चुअल उद्घाटन समारोह में रामनगर के ढिकुली स्थित एक रिजॉर्ट से मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत भी शामिल थे। उदघाटन के बाद सीएम ने कहा कि दूरस्थ व दुर्गम स्थलों में जाने के लिए सड़कें व पुलों बननी चाहिए। मोदी सरकार इसके लिए प्रतिबद्ध हैं। लगातार सड़कें व पुल बनाए जा रहे हैं। मोदी सरकार में ही राज्य के सीमांत क्षेत्रों में छह पुलों का निर्माण अभूतपूर्व उपलब्धि है। सीएम ने सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) के कार्य की तारीफ की। उन्होंने कहा कि बर्फवारी में भी बीआरओ ने अथक मेहनत से सड़क निर्माण किया।

सीमांत क्षेत्र की इन पुलों के निर्माण होने से स्थानीय जनता को लाभ होगा। सैन्य गतिविधयां आसान होंगी। रक्षा मंत्री ने सीमा सड़क संगठन द्वारा बनाए गए जोशीमठ-मलारी, ऋषिकेश-धरसूं, जौलजीवी-मुनस्यारी, जौलजीवी-मुनस्यारी, तवाघाट-घटटाबगड़, मुनस्यारी-बुग्डयार-मिलम को उद्घाटन किया है।