नैनीताल: हाइकोर्ट ने कुंभ मेले में कोरोना टेस्टिंग के फर्जीवाड़े में आरोपी मैक्स कॉरपोरेट सर्विसेज के पार्टनर शरत चंद पंत की गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है। रोक के साथ ही जांच अधिकारी के सामने एक जुलाई को पेश होकर जांच में सहयोग करने के निर्देश दिए हैं। सुनवाई न्यायमूर्ति एनएस धनिक की एकलपीठ में हुई।

शरद चंद पंत ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर अपनी गिरफ्तारी पर रोक लगाने व उनके खिलाफ दर्ज एफआईआर को निरस्त करने की मांग की है। कहा कि वह मैक्स कॉरपोरेट सर्विसेस में एक सर्विस प्रोवाइडर है। परीक्षण और डेटा प्रविष्टि के दौरान मैक्स कॉरपोरेट का कोई कर्मचारी मौजूद नहीं था। इसके अलावा परीक्षण और डेटा प्रविष्टि का सारा काम स्थानीय स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की प्रत्यक्ष निगरानी में किया गया था। अधिकारियों ने परीक्षण स्टालों में हुए कार्य को अपनी मंजूरी दी थी। याची ने कहा कि अगर कोई गलत काम कर रहा था तो कुंभ मेले की पूरी अवधि के दौरान अधिकारी चुप क्यों रहे। इस मामले में मुख्य चिकित्सा अधिकारी हरिद्वार ने पुलिस में मुकदमा दर्ज करते हुए आरोप लगाया था कि कुंभ मेले के दौरान इनके द्वारा अपने को लाभ पहुंचाने के लिए फर्जी तरीके से टेस्ट इत्यादि किए गए। जून 2021 को एक व्यक्ति ने सीएमओ हरिद्वार को एक पत्र भेजकर शिकायत की। बताया कि कुंभ मेले में टेस्ट कराने वाली लैबों द्वारा उनकी आईडी व फोन नंबर का उपयोग किया गया है। जबकि उनके द्वारा रैपिड एंटीजन टेस्ट कराने के लिए कोई सैंपल नहीं दिया गया।