देहरादून: उत्तराखंड में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव और उपचुनाव को लेकर राज्य में सियासी हलचल तेज हो गई है। रिपोर्ट के मुताबिक भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) को इस बात का डर है कि तीरथ सिंह रावत इस चुनाव में अच्छा प्रदर्शन कर पाएंगे या नहीं। इसलिए कयास लगाए जा रहे हैं कि पार्टी उत्तराखंड में नया सीएम चुन सकती है। तीरथ सिंह रावत इसी चिंता को लेकर पिछले तीन दिनों से दिल्ली में हैं कि चुनाव को लेकर अनिश्चितता और राज्य भाजपा इकाई में दरार के कारण उनकी सीएम की कुर्सी ना चली जाए। सूत्रों का कहना है कि तीरथ सिंह रावत को बुधवार को भाजपा नेतृत्व ने दिल्ली बुलाया था।

ताजा रिपोर्ट के मुताबिक बीजेपी ने अब दो अन्य नेता सतपाल महाराज और धन सिंह रावत को भी दिल्ली बुलाया गया है। कहा जा रहा है कि राज्य बीजेपी द्वारा दी गई फीडबैक के बाद इन नेताओं को दिल्ली तलब किया गया है। सीएम तीरथ सिंह रावत शुक्रवार (02 जुलाई) को उत्तराखंड जाने वाले थे लेकिन उनका वापसी का प्लान रद्द कर दिया गया है। उन्हें पार्टी हाईकमान ने दिल्ली में रुकने को कहा है। सूत्रों के मुताबिक बीजेपी अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव को तीरथ सिंह की अगुआई में लड़ने के पक्ष में नहीं है। तीरथ रावत इस साल मार्च में उत्तराखंड के सीएम बने थे। तत्कालीन मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत के खिलाफ भाजपा के उग्र असंतोष को देखते हुए पार्टी ने तीरथ रावत को सीएम बनाने का फैसला किया था। लेकिन सीएम की कुर्सी पर बने रहने के लिए तीरथ सिंह रावत, जो कि सांसद हैं, उन्हें 10 सितंबर से पहले उत्तराखंड विधानसभा का सदस्य बनना है। सूत्रों के मुताबिक आखिरी वक्त में चुनाव से बचने के लिए बीजेपी उत्तराखंड में नया सीएम नियुक्त कर सकती है। ऐसे में पार्टी अपने पिछले रिकॉर्ड को देखते हुए बेहतर विकल्प तलाश रही है।