देहरादून: पूर्व मुख्यमंत्री व कांग्रेस महासचिव हरीश रावत ने नए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को सलाह दी है कि वह पार्टी के चुनावी घोषणापत्र को खोल लें। उनके और उनकी पार्टी के लिए यह अंतिम अवसर है। इंटरनेट मीडिया पर अपनी पोस्ट में पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा कि पहले दोनों मुख्यमंत्री चुनावी घोषणापत्र खोल नहीं पाए। अगर धामी ऐसा करते हैं तो उन्हें अच्छा विद्यार्थी माना जाएगा। उन्होंने कहा कि राज्य में बेरोजगारी की वृद्धि दर 23.30 फीसद पहुंच गई है। कोरोना की दूसरी लहर में अस्पतालों ने जिस तरह अंडर रिपोर्टिंग की, उसकी कहानियां छप रही हैं। कुंभ के दौरान कोरोना टेस्टिंग का घोटाला हो गया है। विकास कार्य ठप पड़े हैं।
मुख्यमंत्री को सलाह देते हुए उन्होंने कहा कि भाजपा प्रदेश अध्यक्ष के झूठ को उत्तराखंड के नौजवानों के सामने न परोसा जाए। उन्होंने सात लाख व्यक्तियों को रोजगार देने का लंबा झूठ बोलने का रिकार्ड अपने नाम किया है। उन्होंने कहा कि उनका किसी भाजपाई के साथ कोई साफ्ट कार्नर नहीं रहता है, लेकिन नौजवान के साथ जरूर है। एक नौजवान को मौका मिला है। वह चाहते हैं कि वह थोड़ा सा ही, लेकिन कुछ चमक दिखाएं। यदि कुछ भी चमक नहीं दिखा पाए तो उत्तराखंड के नौजवानों को घोर निराशा होगी।
भाजपा को विकास से कोई मतलब नहीं
विजय शंखनाद अभियान के तहत आम आदमी पार्टी के प्रदेश प्रभारी दिनेश मोहनिया ने धर्मपुर और डोईवाला विधानसभा में कार्यकर्त्ता ओं से मुलाकात की। इस दौरान मोहनिया ने कहा कि भाजपा और कांग्रेस की नीतियों से जनता त्रस्त हो चुकी हैं। उन्होंने भाजपा पर हमला बोलते हुए कहा कि भाजपा ने जबरन प्रदेश में राजनीतिक संकट पैदा किया है। उन्होंने कहा कि भाजपा को प्रदेश के विकास से कोई मतलब नहीं है। इनका मकसद सिर्फ सत्ता की मलाई खाना है।