#मामला रामपुर प्रखंड के लोहन्दी गांव का
मताधिकार के प्रयोग से हो जाएंगे वंचित, निर्वाचन विभाग के पदाधिकारियों व कर्मियों पर लापरवाही का लगाया आरोप
रामपुर/कैमूर।रामपुर प्रखंड में 28 अक्टूबर यानी बुधवार को विधानसभा चुनाव होना है। रामपुर प्रखंड भभुआ विधानसभा क्षेत्र के तहत आता है। जिसके तहत रामपुर प्रखंड के 96 मतदान केंद्रों पर मतदान होना है। लेकिन विधानसभा चुनाव के लिए जारी किए गए मतदाता सूची में एक अजीबोगरीब ही मामला सामने आया है। जिसमें जीवित व्यक्ति को विधानसभा चुनाव के लिए जारी किए गए मतदाता सूची में मृत बना दिया गया है तो वही मृत महिला को मतदाता सूची में जीवित बना दिया गया है। इसको लेकर जीवित व्यक्ति द्वारा मतदाता सूची में मृत होने पर निर्वाचन विभाग के पदाधिकारियों पर लापरवाही का मामला उठाया है।

मामला रामपुर प्रखंड के जलालपुर पंचायत के लोहन्दी गांव का है। जहां लोहन्दी गांव के कन्हैया उपाध्याय से जुड़ा हुआ है।जो स्थानीय क्षेत्र में एक सेवानिवृत्त शिक्षक है। जिनका मतदाता सूची में नाम को डिलीट यानी मृत कर दिया गया है। वहीं उनकी मृत मां दलराजी कुंवर को मतदाता सूची में जिंदा बताया गया है। जबकि इसके पहले मतदाता सूची में कन्हैया उपाध्याय के नाम दर्ज था और वह हर बार वोट भी देने जाते थे। सेवानिवृत्त शिक्षक कन्हैया उपाध्याय ने बताया कि उन्हें 2 दिनों पहले बीएलओ के माध्यम से घर के सदस्यों का मतदान करने के लिए पर्ची दिया गया था। लेकिन उनका पर्ची नहीं दिया गया तो उन्होंने पूछा कि उनका नाम का पर्ची मतदान करने के लिए क्यों नहीं दिया गया।
इस पर बीएलओ ने बताया कि उन्हें मतदाता सूची में डिलेटेड यानी मृत घोषित कर दिया गया है। जिसके कारण उन्हें पर्ची नहीं मिल सकता है। जिस पर उन्होंने इस पर सवाल उठाते हुए विभाग के पदाधिकारियों से शिकायत करने की बात कही। जिस पर बीएलओ ने अपने सुपरवाइजर को इस बात की जानकारी दी कि जिंदा व्यक्ति को मतदाता सूची में मृत घोषित कर दिया गया है। जिसके कारण वह इस बार विधानसभा चुनाव में वोट नहीं दे पाएंगे। वही श्री उपाध्याय ने बताया कि इसकी शिकायत सुपरवाइजर द्वारा एसडीओ व बीडीओ के पास भी किया गया। लेकिन फिर भी कुछ पहल होता नहीं दिख रहा है। उन्होंने बताया कि इस बार विधानसभा चुनाव में मताधिकार के प्रयोग से वंचित कर दिया गया है।
इस बार विधानसभा चुनाव में मुझे मतदाता सूची में मृत घोषित कर दिए जाने के कारण मैं वोट देने से वंचित हो जाऊंगा। वही उनकी मां जो मृत्यु हो चुकी हैं। उनका नाम काटने के लिए दिया गया था। लेकिन उनके बदले में मेरा ही नाम को मतदाता सूची में मृत घोषित कर दिया गया है। जो यह काफी लापरवाही दर्शाता है। उन्होंने बताया कि उनकी मां को मतदाता सूची में जिंदा बताया गया है। बूथ संख्या 263 जिनका नाम मतदाता सूची में 494 नंबर पर है जबकि मेरा नाम 495 नंबर पर डीलेटेड मतदाता सूची में किया गया है। अब देखना यह होगा कि बुधवार को वह विधानसभा चुनाव में वोट दे पाएंगे या नहीं। फ़ोटो – मतदाता सूची में डिलेटेड जीवित सेवानिवृत्त शिक्षक कन्हैया उपाध्याय