देहरादून: राष्ट्रीय रोग नियंत्रण संस्थान, सीडीसी, विश्व स्वास्थ्य संगठन व केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के सहयोग से कोरोना एवं अन्य बीमारियों की प्रभावी निगरानी, बचाव के उपायों आदि विषयों पर प्रदेश सरकार की ओर से जिलों के सर्विलांस अधिकारियों एवं ऐपिडिमियोलॉजिस्ट का तीन दिवसीय प्रशिक्षण शुरू हुआ। कार्यशाला का उद्घाटन स्वास्थ्य सचिव अमित नेगी ने किया। उन्होंने प्रदेश में कोरोना की तीसरी संभावित लहर को नियंत्रित करने के लिए की जा रही तैयारियों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि महामारी से निपटने के लिए प्राथमिक एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र स्तर पर स्वास्थ्य सुविधाओं को सुदृढ़ किया जा रहा है। सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर कोविड-19 की जांच सुविधा उपलब्ध की जा रही है। राज्य में स्वास्थ्य सेवाएं किसी भी आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। राष्ट्रीय रोग नियंत्रण संस्थान भारत सरकार के निदेशक डा. सुजीत कुमार सिंह ने कोविड-19 महामारी की स्थिति के प्रबंधन के लिए राष्ट्रीय स्तर पर लिए जा रहे निर्णयों एवं सुझावों की जानकारी दी।

कार्यशाला के प्रारंभिक सत्र में स्वास्थ्य महानिदेशक डा. तृप्ति बहुगुणा ने जिला सविलांस अधिकारियों एवं ऐपेडिमोयोलॉजिस्ट को निर्देशित किया कि वह प्रशिक्षण में बताई जा रही गाइडलाइन के अनुसार अपने-अपने जनपदों में रोग निगरानी तंत्र को अधिक सुदृढ़ करने की दिशा में कार्य करें।