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कांवड़ यात्रा रद्द होने के बाद शिवभक्‍तों को राज्य के बाहर गंगाजल पहुंचाएगी सरकार

देहरादून: हर साल सावन के महीने में होने वाली कांवड़ यात्रा को राज्‍य सरकार ने कोरोना महामारी की वजह से बीते 2 जुलाई को रद्द करने का फैसला लिया. कोरोना की दूसरी लहर के शुरुआती दौर में हरिद्वार कुंभ के बाद से सरकार अतिरिक्त एहतियात बरत रही है. उत्तराखंड सरकार ने इस साल कांवड़ यात्रा रद्द कर दी है. उत्तराखंड सरकार ने इस साल कांवड़ यात्रा भले ही रद्द कर दी हो लेकिन सरकार ने शिवभक्‍तों को निराश नहीं किया है. सरकार ने फैसला लिया है कि गंगाजल को टैंकरों में भरकर दूसरे राज्यों को भेजा जाएगा. मीडिया रिपोर्ट सावन महीने में शुरू होने वाली कांवड़ यात्रा में कांवड़ियों के लिए सरकार टैंकरों में गंगाजल भरकर उत्तराखंड के पड़ोसी राज्यों में भिजवाने का फैसला लिया है.

राज्‍य सरकार के इस फैसले के बाद शिवभक्‍तों को बिना हरिद्वार आए अपने-अपने शहरों में गंगाजल मिल सकेगा. सरकार की ओर से उत्तर प्रदेश, हरियाणा और दिल्ली सहित पड़ोसी राज्यों में गंगाजल टैंकरों में भरकर भेजने का फैसला लिया है. उत्तराखंड के पड़ोसी राज्य में भारी संख्या में कांवड़िए ब्रह्मकुंड, हरकी पौड़ी, ऋषिकेश, देवप्रयाग और गोमुख गंगोत्री में गंगाजल लेने पहुंचते हैं. अपने-अपने शहरों से कई मीलों का सफर तयकर कांवड़िए उत्तराखंड में गंगाजल लेकर वापिस अपने शहरों के शिवालयों में गंगाजल चढ़ाते हैं. सावन माह के शुरू होते ही भारी संख्या में कांवड़िए दिल्ली, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, राजस्थान, पंजाब, बिहार, उड़ीसा, झारखंड, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश आदि राज्यों से उत्तराखंड में गंगाजल लेने पहुंचते हैं. कोरोना की तीसरी लहर के बीच सरकार ने इस साल भी कांवड़ यात्रा पर प्रतिबंध लगा दिया है.

टैंकर्स में भरकर पड़ोसी राज्यों में भेजा जाएगा गंगाजल

उत्तराखंड के डीजीपी अशोक कुमार ने कहा कि टैंकर्स में भरकर गंगाजल पड़ोसी राज्यों में भिजवाने से कांवड़ियों को अपने-अपने शहरों में ही गंगाजल आसानी से मिल जाएगा. ऐसे में वह अपने-अपने शहरों में शिवालयों में गंगाजल चढ़ा सकते हैं. चूंकि, सरकार ने कोरोना संक्रमण को देखते हुए इस साल भी कांवड़ यात्रा पर रोक लगाई है, ऐसे में टैंकरों से गंगाजल पड़ोसी राज्यों में भेजना सही रहेगा. टैंकरों से गंगाजल भेजने के फैसले का व्यापारी वर्ग विरोध करते हुए कहते हैं कि सरकारी को कांवड़ यात्रा को शुरू करने की अनुमति दे देनी चाहिए. कहा कि कांवड़ यात्रा को शुरू करने के लिए एसओपी जारी करनी चाहिए ताकि संक्रमण को फैलने से रोका जा सके.

राज्‍य सरकार ने कोरोना महामारी की वजह से लिया फैसला

हर साल सावन के महीने में होने वाली कांवड़ यात्रा को राज्‍य सरकार ने कोरोना महामारी की वजह से बीते 2 जुलाई को रद्द करने का फैसला लिया. शहरी विकास विभाग ने यात्रा पर रोक संबंधी आदेश जारी किए थे. दरअसल, कोरोना की दूसरी लहर के शुरुआती दौर में हरिद्वार कुंभ के बाद से सरकार अतिरिक्त एहतियात बरत रही है. कोरोना की तीसरी लहर के खतरे को भांपते हुए सरकार ने कांवड़ यात्रा पर रोक लगाई है.

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Author: nirbhiknazar

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