देहरादून: प्रदेश में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए सरकार का अस्पतालों में डॉक्टर, दवाई और सफाई पर फोकस है। सितंबर से दिसंबर तक प्रदेश भर में छह सौ स्वास्थ्य शिविर लगाए जाएंगे। जिसमें पर्वतीय विधानसभा क्षेत्रों में 10-10 और मैदानी विधानसभा क्षेत्रों में 5-5 शिविर लगेंगे। स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन क्षेत्रीय विधायक करेंगे जो सांसद की अध्यक्षता में किया जाएगा। जिसकी व्यवस्था जनपद के मुख्य चिकित्साधिकारी को करनी होगी। शनिवार को विधानसभा स्थित सभागार में स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने सभी मुख्य चिकित्साधिकारियों के साथ बैठक कर स्वास्थ्य योजनाओं की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि विभाग के माध्यम से प्रदेश में 600 स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन किया जाएगा। जिसमें विशेषज्ञ डॉक्टर लोगों की जांच करेंगे और दवाइयां भी दी जाएंगी। वहीं, प्रत्येक विधायक अपनी निर्वाचन क्षेत्र के 100-100 कोविड वैक्सीनेशन केंद्रों का निरीक्षण करेंगे। उन्होंने सभी सीएमओ को हर 15 दिन में जिला स्वास्थ्य समिति बैठक करने के निर्देश दिए। जिनमें क्षेत्रीय विधायक समेत नामित सदस्यों को आमंत्रित किया जाएगा।

स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए अगले तीन माह तक विशेष निरीक्षण अभियान चलाया जाएगा। जिसके तहत अस्पतालों में डॉक्टर, दवाई एवं सफाई व्यवस्था का निरीक्षण किया जाएगा। इस अभियान में स्वास्थ्य मंत्री 100 अस्पतालों का औचक निरीक्षण करेंगे। जबकि क्षेत्रीय विधायकों को अपनी विधानसभा क्षेत्र के 5-5 अस्पतालों का निरीक्षण करना होगा। बैठक में मुख्य चिकित्साधिकारियों की ओर से विशेषज्ञ डॉक्टरों, एएनएम, स्टाफ नर्स एवं चतुर्थ श्रेणी कार्मिकों की कमी को स्वास्थ्य मंत्री के समक्ष रखा गया। इस पर स्वास्थ्य मंत्री ने सचिव स्वास्थ्य, महानिदेशक समाधान के निर्देश दिए। सचिव स्वास्थ्य डॉ. पंकज पांडेय ने कहा कि विशेषज्ञ डाक्टरों की तैनाती के प्रयास किया जा रहे हैं। एएनएम, स्टाफ नर्स व चतुर्थ श्रेणी कार्मिकों की तैनाती राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन से की जा सकती है। जिसकी स्वीकृति पूर्व में ही दी जा चुकी है। उन्होंने प्रदेश भर में आशा हेल्थ वर्कर के रिक्त 150 पदों को तत्काल भरने के निर्देश दिए।
बैठक में सचिव स्वास्थ्य डॉ. पंकज कुमार पांडेय, महानिदेशक स्वास्थ्य डॉ. तृप्ति बहुगुणा, निदेशक डॉ. एसके गुप्ता, निदेशक डॉ. विनीता शाह, सीएमओ पौड़ी डॉ. मनोज शर्मा, सीएमओ नैनीताल डॉ. भागीरथी जोशी, सीएमओ उत्तरकाशी डॉ. केएस चौहान, सीएमओ चम्पावत डॉ. आरपी खंडूड़ी, सीएमओ पिथौरागढ़ डॉ. हर्ष पंत, सीएमओ देहरादून डॉ. मनोज उप्रेती, सीएमओ टिहरी डॉ. संजय जैन, सीएमओ रुद्रप्रयाग डॉ. बीके शुक्ला, सीएमओ हरिद्वार डॉ. एसके झा, सीएमओ ऊधमसिंह नगर डॉ. डीएस पंचपाल, सीएमओ अल्मोड़ा डॉ. सविता हयांकी, सीएमओ चमोली डॉ. केके अग्रवाल, सीएमओ बागेश्वर डॉ. सुनीता टम्टा मौजूद थे।