नैनीताल: हाई कोर्ट ने हरिद्वार जिले की ज्वालापुर विधानसभा सीट से भाजपा विधायक सुरेश राठौर की दुष्कर्म मामले में अपनी गिरफ्तारी पर रोक व एफआईआर को निरस्त करने सम्बन्धी याचिका पर सुनवाई की। न्यायाधीश न्यायमूर्ति एनएस धानिक की एकलपीठ ने फिलहाल उनको कोई राहत नहीं देते हुए राज्य सरकार से 19 जुलाई तक मामले में शपथपत्र पेेेश शकरने के साथ अगली सुनवाई के लिए 19 जुलाई की तिथि नियत की है। ज्वालापुर हरिद्वार के विधायक सुरेश राठौर ने की ओर से दाखिल याचिका में कहा गया है कि उनके खिलाफ महिला की ओर से दुराचार करने को लेकर पहली जुलाई 2021 को आईपीसी की धारा 156(3) में थाना बहादराबाद में एफआईआर दर्ज की है। उनके द्वारा जो भी आरोप लगाये गये हैं, वे सब गलत हैं जबकि वह पुलिस जांच में सहयोग करने को तैयार हैं।

उन्होंने यह भी कहा है कि 2020 में महिला के खिलाफ उन्होंने ब्लैकमेलिंग का मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस ने जांच के बाद उन्हें उनके पति सहित दो अन्य साथियों को जेल भेज दिया था परन्तु पिछले साल कोरोना मरीजों की बढ़ती संख्या को देखर कर इन लोगों को निचली अदालत ने रिहा कर दिया था । बदले की भावना को लेकर जेल से बाहर आने के बाद महिला ने उनके खिलाफ दुराचार का झूठा मुकदमा दर्ज कराया, जबकि महिला का कहना है कि विधायक ने उनसे कई बार दुराचार किया ।
साथ में यह भी कहा कि वह अभी सत्ताधारी दल के विधायक है, वह उनको अपनी पार्टी में एक पद दिला देंगे, जब वह इसकी शिकायत पुलिस से कराने जा रही थी तो इन्होंने थाने के पास से हमको गिरफ्तार करा दिया और पुलिस ने उनकी एफआईआर दर्ज नही की। उसके बाद उन्होंने एसएसपी को इसकी शिकायत की। उनकी शिकायत पर पुलिस ने इनके खिलाफ आईपीसी की धारा 156(3) में मुकदमा दर्ज किया।