नई दिल्ली : नीट यूजी परीक्षा 2021 की तारीख की घोषणा का इंतजार कर रहे लाखों उम्मीदवारों के लिए जरूरी खबर है। नए शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने नीट यूजी परीक्षा की तिथि घोषित कर दी है। इस संबंध में शिक्षा मंत्री ने अपने ऑफिशियल ट्वीटर हैंडल से ट्वीट करके जानकारी दी है। शिक्षा मंत्री ने अपने ट्वीट में लिखा है कि नीट यूजी का आयोजन 12 सितंबर, 2021 को किया जाएगा। देश भर में 12 सितंबर, 2021 को कोविड-19 प्रोटोकॉल का पालन करते हुए परीक्षा आयोजित की जाएगी। आवेदन प्रक्रिया आज शाम 5 बजे से एनटीए की वेबसाइट के माध्यम से शुरू होगी।
The NEET (UG) 2021 will be held on 12th September 2021 across the country following COVID-19 protocols. The application process will begin from 5 pm tomorrow through the NTA website(s).
— Dharmendra Pradhan (@dpradhanbjp) July 12, 2021
वहीं, अपने अन्य ट्वीट में शिक्षा मंत्री ने लिखा है कि सामाजिक दूरी के मानदंडों को सुनिश्चित करने के लिए, जिन शहरों में परीक्षा आयोजित की जाएगी, उनकी संख्या 155 से बढ़ाकर 198 कर दी गई है। परीक्षा केंद्रों की संख्या भी बढ़ाई जाएगी। उन्होंने आगे कहा कि कोविड-19 प्रोटोकॉल का पालन सुनिश्चित करने के लिए, केंद्र में सभी उम्मीदवारों को फेस मास्क प्रदान किया जाएगा।

नीट 2021 एग्जाम डेट और रजिस्ट्रेशन डेट जल्द घोषित होने की थी उम्मीद
भले ही राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) द्वारा पिछले सप्ताह 7 जुलाई को एक अलर्ट नोटिस जारी करते हुए नीट 2021 एग्जाम डेट का इंतजार कर रहे उम्मीदवारों को सोशल मीडिया पर वायरल हो रही फेक नोटिस से बचने और आधिकारिक अपडेट के लिए सिर्फ ऑफिशियल वेबसाइट पर ही निर्भर रहने की सलाह दी गयी हो, लेकिन लाखों उम्मीदवारों द्वारा सोशल मीडिया पर एजेंसी के साथ-साथ शिक्षा मंत्रालय से परीक्षा तारीख घोषित करने की मांग लगातार लगायी जा रही थी। एनटीए ने नीट 2021 एग्जाम डेट को लेकर जारी अपने नोटिस में स्पष्ट किया था कि नीट (यूजी) 2021 के आयोजन की तिथि को लेकर विभिन्न स्टेहोल्डर्स से परामर्श लिया जा रहा है और जल्द ही इस सम्बन्ध में घोषणा की जाएगी।
नये शिक्षा और स्वास्थ्य मंत्रियों को लेना था आखिरी फैसला
दूसरी तरफ, इन रिपोर्ट्स के अनुसार राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी द्वारा देश की सबसे बड़ी परीक्षाओं में से एक मेडिकल एवं डेंटल एंट्रेंस टेस्ट के लिए तिथि निर्धारित करने को लेकर नये शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और नये स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडवीय को आखिरी फैसला लेना था। गौरतलब है कि भले ही पूरे देश में कोरोना महामारी (कोविड-19) की दूसरी लहर के मामलों में खासी कमी देखी जा रही है लेकिन तीसरी लहर की संभावनाओं और पिछले वर्ष के महामारी से निपटने के अनुभवों को देखते हुए केंद्र सरकार द्वारा किसी भी प्रकार की असावधानी या जल्दबाजी की संभावना नहीं लगती है।