रांची : राज्य सरकार ने सरकारी कर्मियों के महंगाई भत्ते पर लगी रोक को हटाने का निर्णय लिया है। राज्य के लगभग पौने दो लाख सरकारी कर्मचारियों को सरकार के इस निर्णय से लाभ होगा। कैबिनेट की अगली बैठक में इस बाबत प्रस्ताव आ सकता है। बता दें कि कोरोना संकट की अवधि में राजस्व के तमाम स्रोत थमने के बाद केंद्र सरकार की तर्ज पर झारखंड सरकार ने भी महंगाई भत्ते पर रोक लगा दी थी।

राज्य सरकार अपने कर्मचारियों को 17 से 28 फीसदी तक महंगाई भत्ता देने पर विचार कर रही है। बता दें कि महंगाई भत्ता वेतन का ही हिस्सा होता है। यह कर्मचारी के वेतन का एक न निश्चित भाग होता है। सरकार अपने कर्मचारियों को बढ़े हुए खर्चों का सामना करने के लिए महंगाई भत्ता देती है ताकि वे बढ़ती महंगाई का सामना कर सकें। कर्मचारियों के साथ-साथ इसका फायदा पेंशन पाने वाले सेवानिवृत सरकारी कर्मियों को भी होता है। झारखंड में भी करीब सवा साल से महंगाई भत्ते पर रोक लगी है। केंद्र सरकार के निर्णय के बाद कई राज्यों की सरकारों ने लगाई गई रोक को हटाने का फैसला कर अपने कर्मचारियों को राहत देने का मन बनाया है। झारखंड सरकार का कदम भी इसी कड़ी का हिस्सा बताया जा रहा है।