रांची: झारखंड की राजधानी रांची के वीआईपी इलाके अशोक नगर से पुलिस ने एक फर्जी महिला आईएएस को गिरफ्तार किया. मोनिका नाम की ये महिला मध्य प्रदेश की है. शक के आधार पर जब मकान मालिक ने पुलिस को सूचना दी, तो पूरी कलई खुल कर सामने आ गयी. रांची के अशोक नगर इलाके से पुलिस ने एक फर्जी महिला आइएएस अफसर को गिरफ्तार किया है. मोनिका नाम की यह महिला मूल रूप से मध्य प्रदेश के कटनी जिले की रहनेवाली है. उसने खुद को 2020 बैच की आइएएस अफसर बता अशोक नगर में किराये पर घर ले रखा था. उसने बॉडीगार्ड व रसोइया भी रखा था और कार में असिस्टेंट कलेक्टर का बोर्ड लगाकर चलती थी.
महिला के पास से झारखंड सरकार का फर्जी लोगो, डिप्टी कलेक्टर का फर्जी लेटर पैड और दिल्ली झारखंड भवन में एक कमरा बुक करने के लिए मुख्य सचिव के नाम लिखा गया पत्र भी बरामद किया गया है. उसने आइएएस अधिकारी का फर्जी आइकार्ड भी बनवा रखा था, जिसे उसने पुलिस के डर से फेंक दिया था. पूछताछ में महिला के गार्ड और रसोइया ने पुलिस को बताया है कि उन्हें कभी संदेह नहीं हुआ कि मोनिका फर्जी आइएएस अधिकारी है.
मोनिका लोगों को बताती थी कि वर्तमान में उसकी पोस्टिंग जमशेदपुर में असिस्टेंट कलेक्टर के रूप में है. मकान मालिक डॉ डीके राय को महिला की गतिविधियां संदिग्ध लगीं. कई बार पूछताछ करने पर मोनिका उन्हें यही बताती कि फिलहाल वह छुट्टी पर है. इसलिए वह जमशेदपुर नहीं जा रही है. संदेह के आधार पर डॉ राय ने अरगोड़ा थाने की पुलिस को इसकी सूचना दी. इसके बाद पूरी कलई खुल गयी.
अरगोड़ा पुलिस ने दो दिन तक मोनिका की गतिविधियों पर नजर रखी. इसके बाद महिला पुलिसकर्मियों के साथ उसके घर पहुंची. पहले तो उसने पुलिस पर आइएएस होने का रौब दिखाया, बाद में दबाव बनाने पर वह पुलिस के सामने टूट गयी. उसने बताया कि उसके पिता एक स्कूल में प्राचार्य हैं. मां सरकारी ऑफिस में क्लर्क हैं. वह आइएएस बनना चाहती थी, लेकिन यूपीएससी की परीक्षा पास कर नहीं पायी. तब उसने अपने परिवार और दोस्तों को दिखाने के लिए आइएएस बनने का स्वांग रचा.