चार धाम की तर्ज पर 60 करोड़ के प्रोजेक्ट से विकसित होगा कैंची धाम, स्थानीय लोगों को मिलेगा रोजगार

देहरादून: फेसबुक के संस्थापक मार्क जुकरबर्ग और एपल कंपनी के संस्थापक स्टीव जॉब्स को राह दिखाने वाले बाबा नीम करौली महाराज का कैंची धाम अब नए रंग-रूप में नजर आएगा। जिला प्रशासन ने इसे कुमाऊं के आध्यात्मिक आकर्षण केंद्र के रूप में विकसित करने की योजना तैयार कर ली है। मंदिर के आसपास के क्षेत्र में पार्किंग, मेडिटेशन सेंटर, होटल, रेस्टोरेंट और अन्य सुविधाएं बढ़ाकर इसे चार धाम की तर्ज पर विकसित करने की योजना है। इसके लिए करीब 60 करोड़ का प्रोजेक्ट तैयार किया गया है। शासन स्तर से स्वीकृति मिलते ही इस योजना पर कार्य शुरू कर दिया जाएगा।

जिला मुख्यालय से करीब 18 किमी की दूरी पर स्थित कैंची धाम की प्रसिद्धि विदेशों तक है। बाबा नीम करौली महाराज 1962 में कैंची पहुंचे थे, जहां उन्होंने 15 जून 1964 को इस मंदिर में हनुमान मूर्ति की प्रतिष्ठा की थी। इसके बाद से ही हर वर्ष 15 जून को यहां मंदिर का स्थापना दिवस मनाया जाता है। इसमें देश के विभिन्न प्रांतों के साथ ही विदेशी भक्त भी पहुंचते है, जिनकी संख्या लाखों तक पहुंच जाती है।

ग्रामीण क्षेत्र होने के कारण धाम के समीप न तो पार्किंग की समुचित व्यवस्था है और न ही बाहर से पहुंचे भक्तों के रहने के लिए बेहतरीन होटल। सुविधाओं के अभाव में श्रद्धालुओं को परेशानी उठानी पड़ती है। इसे देखते हुए कुछ दिनों पहले मुख्य सचिव एसएस संधू ने जिला प्रशासन को कैंची धाम को चारधाम के रूप में विकसित करने का प्रस्ताव तैयार करने को कहा था, जिसके बाद ही यह प्रस्ताव तैयार किया गया है।

मंदिर का समीपवर्ती एक किमी का क्षेत्र होगा विकसित

डीएम धीराज गब्र्याल ने बताया कि मंदिर के भीतर कोई हस्तक्षेप नहीं किया जाएगा। मंदिर के बाहर स्थित करीब एक किमी के दायरे में सुविधाएं विकसित की जाएंगी, जिसमें करीब 400 वाहनों के लिए पार्किंग, रहने के लिए अच्छे होटल, रेस्टोरेंट बनाए जाएंगे। साथ ही क्षेत्र में मेडिटेशन सेंटर बनाने की भी योजना है। इससे यहां पहुंचने वाले भक्त प्रकृति के बीच ध्यान लगा सकेंगे। पार्किंग निर्माण के लिए विभागीय स्तर पर सर्वे भी शुरू कर दिया गया है।


भवनों में दिखेगी पहाड़ी वास्तुकला की झलक

डीएम ने बताया कि धाम के आस-पास बनने वाले होटल और रेस्टोरेंट पहाड़ी शैली में बनेंगे। इसके लिए अल्मोड़ा का पत्थर इस्तेमाल किया जाएगा और काम क्षेत्रीय कारीगरों से कराया जाएगा। इससे यहां पहुंचने वाले लोग पहाड़ी वास्तुकला शैली से भी रूबरू हो सकेंगे।

स्थानीय लोगों को मिलेगा रोजगार

कैंची के चारधाम की तर्ज पर विकसित होनेे के बाद धार्मिक पर्यटन में बढ़ोतरी होगी। इससे स्थानीय लोगों को भी इसका प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा। प्रशासन स्तर पर उन्हें पर्यटन रोजगार से जोडऩे के लिए प्रेरित किया जाएगा। डीएम नैनीताल धीराज गब्र्याल ने कहा कि कैंची धाम में सुविधाएं विकसित करने के लिए करीब 60 करोड़ का प्रोजेक्ट तैयार किया गया है। क्षेत्र में सरकारी भूमि की उपलब्धता जांची जा रही है। साथ ही पार्किंग के लिए विभागीय अधिकारी सर्वे कर रहे हैं। प्रस्ताव जल्द शासन को भेजा जाएगा।

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